Edited By Vandana Khosla, Updated: 19 May, 2026 04:52 PM

डिंडोरी (दीपू ठाकुर) : मप्र के आदिवासी जिला डिंडोरी में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवरा में गहराते जल संकट के चलते ग्रामीण महिलाओं ने खाली बर्तन रखकर डिंडोरी अनूपपुर शहडोल मार्ग पर देवरा तिराहा में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। घटना की सूचना...
डिंडोरी (दीपू ठाकुर) : मप्र के आदिवासी जिला डिंडोरी में जिला मुख्यालय से लगे ग्राम देवरा में गहराते जल संकट के चलते ग्रामीण महिलाओं ने खाली बर्तन रखकर डिंडोरी अनूपपुर शहडोल मार्ग पर देवरा तिराहा में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी और एसडीएम, तहसीलदार, पीएचई विभाग के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया,लेकिन ग्रामीण नहीं माने,इसी दौरान भाजपा प्रशिक्षण वर्ग पर पहुंची प्रदेश की PHE मंत्री संपतिया उईके से मुलाकात और मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया।
दरअसल, डिंडोरी से लगे ग्राम देवरा में PHE विभाग ने करोड़ों की लागत से जल जीवन योजना तो पहुंचा दी,लेकिन गुस्साए ग्रामीणों का सीधे आरोप है कि रोजाना पानी सप्लाई नहीं की जाती। जिससे ग्रामीण दूर दराज से दूषित पानी लाने और पीने को मजबूर हैं। यही नहीं ग्रामीणों ने जब ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा से पानी दिए जाने की मांग की तो ठेकेदार के द्वारा ग्रामीणों से बदतमीजी करते हुए गाली गलौज किया गया। ग्रामीणों की मांग है कि पानी दिए जाने के साथ-साथ ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं, डिंडोरी जिले भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग पर पहुंची प्रदेश की PHE मंत्री संपतिया उईके तक यह बात पहुंची तो उन्होंने ग्रामीणों महिलाओं से उनकी समस्या जानी और ठेकेदार के खिलाफ कारवाई के निर्देश मौके पर दिए। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार सुरेन्द्र ओझा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के मामला दर्ज कर लिया है।
संपतिया उईके ने कहा कि मंडला और डिंडौरी में लगातार घटते जल स्तर को लेकर बदलते पर्यावरण को जिम्मेदार बताया। संपतिया उईके ने कहा कि मैकल पर्वत, हरियाली, नर्मदा नदी, कान्हा नेशनल पार्क होने के बाद भी जल संकट गहरा रहा है, इसी के लिए प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन के तहत पानी को स्टोर करने का अभियान शुरू किया है, जिसके चलते पूरा प्रदेश बेहतर काम कर रहा है।