सिंधिया समर्थक का गुस्सा चरम पर, कहा- पदों का लालच न करें, मंत्रियों से की इस्तीफे की अपील

Edited By meena, Updated: 16 May, 2026 09:42 PM

the anger of scindia s supporters led by devendra pathak reaches its peak

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों के बीच ग्वालियर की राजनीति में हलचल मची हुई है। सिंधिया समर्थकों की अनदेखी का दर्द कहें या जमीनी हकीकत लेकिन सिंधिया समर्थकों नेताओं का दर्द अब जुबान पर आने लगा है...

ग्वालियर : मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों के बीच ग्वालियर की राजनीति में हलचल मची हुई है। सिंधिया समर्थकों की अनदेखी का दर्द कहें या जमीनी हकीकत लेकिन सिंधिया समर्थकों नेताओं का दर्द अब जुबान पर आने लगा है। भाजपा नेता अब खुलकर उपेक्षा के आरोप लगाने लगे हैं और भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, उपेक्षा के आरोप लगाते हुए वार्ड क्रमांक 25 के पूर्व पार्षद एवं सिंधिया समर्थक देवेंद्र पाठक ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बड़ा बयान दिया। माधवी राजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर उनकी छतरी पर पहुंचकर देवेंद्र पाठक ने पुष्पांजलि अर्पित की और इस दौरान भाजपा में सिंधिया और सिंधिया समर्थकों की हालत पर बड़ा बयान दिया। इतना ही नहीं उन्होंने सिंधिया और उनके समर्थकों को पार्टी छोड़ने तक की सलाह दे डाली।

देवेंद्र पाठक ने कहा भाजपा में प्रदेश के मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत जैसे नेताओं के काम नहीं हो पा रहे हैं और मुख्यमंत्री भी उनकी बात नहीं सुन रहे। उन्होंने कहा कि इस बार निगम-मंडलों में भी सिंधिया समर्थकों को जगह नहीं मिली है। पूर्व पार्षद ने यहां तक कह दिया कि सिंधिया समर्थक मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। आज भाजपा सिंधिया महाराज का वजन घटाने की कोशिश हो रही है। उनका कोई आदमी लिया नहीं जा रहा तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते। उन्होंने कहा कि पार्टी में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की अनदेखी हो रही, मंत्री प्रद्युम्न सिंह, मंत्री गोविंद सिंह और तुलसी सिलावट के काम नहीं हो रहे। तो पार्टी में किसलिए बैठे हैं, उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा सिंधिया को पागल समझ रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पदों का लालच नहीं करना चाहिए। इस्तीफा देकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं पार्षद होकर नहीं डरा मैंने इस्तीफा दिया तो ये लोग क्यों डर रहे हैं। सब महाराज का दिया हुआ है। महाराज ने हमें बहुत कुछ दिया है। पदों का लालच नहीं करना चाहिए। सबको मिलकर इस्तीफा देना चाहिए। सरकार को भी महाराज की ताकत का पता चल जाएगा। कि सिंधिया कितने ताकतवर हैं।

हालांकि कांग्रेस में शामिल होने के सवाल पर देवेंद्र पाठक ने साफ जवाब नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके कांग्रेस जॉइन करने की चर्चाएं लगातार बनी हुई हैं। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि शाम को आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में वे शामिल न हों। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि देवेंद्र पाठक शाम के कार्यक्रम में पहुंचते हैं या नहीं।

 

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