Edited By meena, Updated: 15 May, 2026 02:16 PM

एक समय था जब विकास के लिए सड़क पर उतर जाने का कहकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की ओर रुख किया था। भाजपा ने उन्हें इनाम के तौर पर केंद्र में मंत्री बनाया। भाजपा में उनका काफी रुतबा...
ग्वालियर (अंकुर जैन) : एक समय था जब विकास के लिए सड़क पर उतर जाने का कहकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की ओर रुख किया था। भाजपा ने उन्हें इनाम के तौर पर केंद्र में मंत्री बनाया। भाजपा में उनका काफी रुतबा भी देखने को मिला। लेकिन अब धीरे धीरे यह चमक फीकी पड़ती नजर आ रही है। एक तरफ राजनीतिक नियुक्तियों में उनकी पसंद पर मुहर न लगना और दूसरी ओर ग्वालियर में उनके समर्थक पूर्व पार्षद देवेंद्र पाठक का इस्तीफा देना इसका ताजा उदाहरण है।

दरअसल, पूर्व पार्षद देवेंद्र पाठक ने इस्तीफा देने की सबसे बड़ी वजह भाजपा में उनकी अनदेखी होना बताया है। देवेंद्र पाठक ने खुलकर मीडिया से कहा है कि यदि जनता के विकास कार्यों के लिए भाजपा नेतृत्व नहीं सुन रहा तो क्या फायदा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सिंधिया से भी कई बार इस मामले पर बात की लेकिन उन्होंने भी उनकी बात को अनसुना कर दिया। इसी के चलते उन्होंने आहत होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों की मानें तो वे कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। सबसे खास बात कि उन्होंने पूर्व विधायक और सिंधिया खेमे के ही नेता पर मुन्ना लाल गोयल पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
देवेंद्र पाठक ने पार्टी छोड़ते हुए संगठन और नेतृत्व पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि मुरार नदी पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर गरीब और आम लोगों के साथ अन्याय किया गया। साथ ही पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। देवेंद्र पाठक का कहना है कि उन्होंने इन मामलों को कई बार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भी रखा, लेकिन उनकी बातों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी से आहत होकर उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला लिया। हालांकि पूर्व पार्षद ने कहा कि वे आगे भी जनता की लड़ाई लड़ते रहेंगे और आम लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। उनके आरोपों और इस्तीफे के बाद ग्वालियर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।