हिंदू प्रेमी के लिए मुस्लिम युवती ने त्यागा धर्म, मंदिर में शादी करके अपनाया सनातन, 27 नवंबर को तय थी शादी,सब छोड़ प्रेमी के पास पहुंची

Edited By Desh sharma, Updated: 04 Nov, 2025 11:43 PM

muslim girl renounces religion for her hindu lover

मध्‍यप्रदेश के खंडवा जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को चर्चा में ला दिया है। धार जिले की रहने वाली रुखसार नामक युवती ने अपने प्रेमी विशाल से विवाह करने के लिए न केवल धर्म की दीवार पार की

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्‍यप्रदेश के खंडवा जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को चर्चा में ला दिया है। धार जिले की रहने वाली रुखसार नामक युवती ने अपने प्रेमी विशाल से विवाह करने के लिए न केवल धर्म की दीवार पार की, बल्कि खुद को नए धर्म में दीक्षित कर जीवन का सबसे बड़ा निर्णय लिया।

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रुखसार का निकाह 27 नवंबर को धार जिले में तय हुआ था। परिवार उसकी शादी की तैयारियों में व्यस्त था। लेकिन इसी बीच युवती ने हिम्मत भरा कदम उठाया। प्रेमी विशाल के साथ अपना जीवन बिताने के लिए उसने तय दिन से पहले घर छोड़ने का निर्णय लिया। रुखसार धार से निकलकर सीधे खंडवा जिले स्थित महादेवगढ़ मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचकर उसने महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल को अपनी पूरी कहानी बताई।

विशाल के प्रति अपने प्रेम और जीवनसाथी के रूप में उसके साथ रहने की इच्छा जाहिर की। अशोक पालीवाल ने दोनों की बात ध्यान से सुनी और मंदिर के नियमों एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार विवाह की प्रक्रिया शुरू करवाई।विवाह से पहले विधि-विधान से रुखसार का धर्म परिवर्तन करवाया गया। हवन और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ उसे सनातन धर्म में प्रवेश कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच उसका नया नाम रखा गया वंशिका।

इसके बाद मंदिर प्रांगण में पारंपरिक रीति से विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ। दोनों ने पवित्र अग्नि के सात फेरे लिए और विशाल ने वंशिका के गले में मंगलसूत्र पहनाकर उसे जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।महादेवगढ़ मंदिर समिति ने विवाह समारोह को विशेष रूप से संपन्न करवाया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने नवविवाहित जोड़े पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिया।

विवाह पश्चात समिति की ओर से भगवान महादेव की महाआरती आयोजित की गई, जिसमें नवविवाहित जोड़े ने भी भाग लिया।मंदिर प्रबंधन की तरफ से विवाह के पश्चात एक विशेष प्रयास भी किया गया। संचालक अशोक पालीवाल के नेतृत्व में समिति ने वंशिका और विशाल को रामायण ग्रंथ भेंट किया। पुस्तिका सौंपते समय पालीवाल ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो आत्माओं का मिलन होता है। यह संस्कार धर्म से ऊपर मानवता को जोड़ता है।

 

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