Edited By meena, Updated: 08 Aug, 2022 06:09 PM

सावन के आखिरी सोमवार बाबा महाकाल की शाही सवारी ठाट बाट से निकल रही है। बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप ने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। नगरवासी फूलों की वर्षा कर राजाधिराज का स्वागत कर रहे हैं।
उज्जैन(विशाल सिंह): सावन के आखिरी सोमवार बाबा महाकाल की शाही सवारी ठाट बाट से निकल रही है। बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप ने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। नगरवासी फूलों की वर्षा कर राजाधिराज का स्वागत कर रहे हैं। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस जवानों ने बाबा महाकाल को सलामी दी। इसके बाद पूजा अर्चना के बाद भगवान भक्तों से मिलने निकल पड़े।

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बताया कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में सोमवार तड़के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल हुए। बाबा महाकाल बैलगाड़ी पर नंदी पर उमामहेश का स्वरूप धारण किए हुए। वहीं पालकी के साथ-साथ हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव प्रतिमा नंदी रथ पर उमा महेश के मुखारविंद विराजमान है।
फूलों से पटी शहर की सड़कें मंदिर से निकलने के बाद बाबा महाकाल की सवारी परंपरागत मार्ग से होते हुए शिप्रा नदी तक पहुंची। यहां शिप्रा के जल से भगवान का अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल के स्वागत के लिए ढेरों फूल उड़ाए गए। प्रशासन ने सवारी मार्ग में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की।