भाजपा का 3D मास्टर प्लान! डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट मॉडल से बूथ स्तर तक ट्रेनिंग अभियान तेज

Edited By Vandana Khosla, Updated: 08 May, 2026 12:36 PM

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भोपालः भाजपा 14 करोड़ सदस्यों के साथ पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के माध्यम से कार्यकर्ताओं में ‘समर्पित राष्ट्रवाद’ व ‘वैचारिक शुद्धता’ को मजबूत करने में जुटी है। 2029 के चुनावों को देखते हुए, भाजपा 'जनसंख्या असंतुलन' और 'घुसपैठ' पर...

भोपालः भाजपा 14 करोड़ सदस्यों के साथ पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के माध्यम से कार्यकर्ताओं में ‘समर्पित राष्ट्रवाद’ व ‘वैचारिक शुद्धता’ को मजबूत करने में जुटी है। 2029 के चुनावों को देखते हुए, भाजपा 'जनसंख्या असंतुलन' और 'घुसपैठ' पर केंद्रित '3डी फॉर्मूला' के जरिए बूथ-स्तर तक प्रशिक्षण देगी। जिसमें बताया जाएगा कि संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान कैसे करें।

इस नई रणनीति के प्रमुख बिंदु:

  • प्रशिक्षण महाअभियान 2026: पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर 100 पेज के पाठ्यक्रम के साथ जिला स्तर पर प्रशिक्षण।
  • 3डी फॉर्मूला: घुसपैठियों की पहचान (Detection), सूची से नाम हटाना (Deletion), और वापस भेजना (Deportation)।
  • अनुशासन का नया डोज: मध्यप्रदेश में कार्यकर्ताओं के लिए यूपीएससी-NEET की तर्ज पर ट्रेनिंग, जिसमें मोबाइल प्रतिबंधित और लिखित परीक्षा अनिवार्य होगी।
  • 6 प्रमुख चुनौतियां: पाठ्यक्रम में देश की बड़ी चुनौतियों पर एक्शन प्लान। इनमें आतंकवाद, घुसपैठ, नकली नोटों की तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पर अतिक्रमण और हथियारों की तस्करी शामिल है।
  • मध्यप्रदेश में सक्रियता: भोपाल में 16-17 मई को प्रशिक्षण निर्धारित है, जिसके लिए प्रदेश स्तर पर बैठक हो चुकी है।

यहां जानिए 3D फॉर्मूला की डिटेल

  • पहला D डिटेक्ट यानी पहचानः इसमें पार्टी में संदिग्ध लोगों की पहचाई कैसे करें बताया जाएगा।
  • दूसरा D डिलीट यानी हटानाः मतदाता सूची व डेटाबेस से अवैध नामों को हटवाना।
  • तीसरा D डिपोर्ट यानी निर्वासनः वापस भेजने के लिए प्रशासनिक व कानूनी दबाव बनाना।

पहली बार प्रशिक्षण लेने वाले कार्यकर्ताओं से 200 रुपये की फीस केवल डिजिटल माध्यम से ली जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा होगी, जिसमें कम से कम 80% अंक लाना जरूरी होगा। यदि कोई कार्यकर्ता 80% अंक नहीं ला पाता है, तो उसे प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। साथ ही, भविष्य में पार्टी में पदोन्नति के समय इसे महत्वपूर्ण माना जाएगा। बता दें कि ‘सरल' (एसएआरएएल) एप के बिना किसी भी कार्यकर्ता को ट्रेनिंग में प्रवेश नहीं मिलेगा।

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