कलेक्टर का कड़ा एक्शन: 3 डॉक्टर और 8 बीएमओ पर गिरी गाज!

Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Mar, 2026 10:20 PM

collector takes action against 3 doctors and 8 bmo officials

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण देखने को मिला है।

छतरपुर: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। जिले के कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली और डेटा एंट्री में लगातार मिल रही अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों और चिकित्सकों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत 8 ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) और 3 डॉक्टरों पर वेतन कटौती और वेतन वृद्धि रोकने जैसे दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, कलेक्टर ने हाल ही में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक ली थी। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, पोर्टल पर एंट्री और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तार से आकलन किया गया। समीक्षा में सामने आया कि कई ब्लॉकों में टीकाकरण, एनीमिया प्रबंधन और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति संतोषजनक नहीं है।

कलेक्टर ने विशेष रूप से 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के एचपीवी वैक्सीनेशन और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया नियंत्रण की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य अमले को सक्रिय कर स्कूलों और आंगनवाड़ियों के माध्यम से टीकाकरण अभियान को तेज किया जाए। नौगांव, राजनगर और बड़ामलहरा जैसे ब्लॉकों में कमजोर प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी। कार्रवाई के दायरे में आए अधिकारियों में बकस्वाहा, लवकुशनगर, बड़ामलहरा, ईशानगर सहित कई ब्लॉकों के बीएमओ और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। कई जगहों पर डेटा एंट्री में लापरवाही, पोर्टल अपडेट न करना और लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने पर वेतन रोकने और वेतन वृद्धि स्थगित करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं कुछ डॉक्टरों पर भी पीएम और एमएलसी रिपोर्ट से जुड़े कार्यों में प्रगति न होने पर कार्रवाई की गई है।

बैठक में यह भी पाया गया कि कुछ ब्लॉकों में मेडिकल और स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टिंग डिजिटल पोर्टल्स पर समय पर नहीं हो रही है। इस पर कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्वास्थ्य सूचनाओं को यू-विन और अन्य पोर्टल्स पर निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत दर्ज किया जाए। साथ ही 48 घंटे के भीतर डेटा एंट्री सुनिश्चित करने और एनसीडी स्क्रीनिंग में सुधार के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा, कलेक्टर ने टीबी मुक्त अभियान और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए 100 दिन की कार्ययोजना के तहत लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर दिया। लवकुशनगर ब्लॉक में सबसे कम डेटा एंट्री मिलने पर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कम उम्र में प्रसव और शिशु मृत्यु दर जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने 18 वर्ष से कम उम्र की गर्भवती महिलाओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करने और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। हालांकि, एसएनसीयू में मृत्यु दर में आई कमी को उन्होंने सकारात्मक संकेत मानते हुए टीम के प्रयासों की सराहना भी की।कुल मिलाकर, छतरपुर प्रशासन की यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!