कलेक्टर का बड़ा एक्शन! फर्जी दस्तावेज़ मामले में प्राथमिक शिक्षक बर्खास्त, आदेश जारी

Edited By Vandana Khosla, Updated: 22 May, 2026 02:44 PM

collector takes major action primary teacher dismissed for

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर शासकीय सेवा प्राप्त करने के मामले में न्यायालय से दोषी पाए गए प्राथमिक शिक्षक मोहन सिंह काजले को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण,...

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर शासकीय सेवा प्राप्त करने के मामले में न्यायालय से दोषी पाए गए प्राथमिक शिक्षक मोहन सिंह काजले को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत की गई।

जारी आदेश के अनुसार मोहन सिंह काजले, जो पूर्व में शासकीय प्राथमिक शाला रायपुरढाना, विकासखंड खालवा में पदस्थ थे, को वर्ष 2020 में निलंबित किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने खरगोन जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय नौकरी प्राप्त की थी, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

अतिरिक्त लोक अभियोजक खंडवा के पत्र के आधार पर बताया गया कि माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश खंडवा ने याचिका क्रमांक 25/2021 में 25 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए मोहन सिंह काजले को धारा 420, 465, 468, 471, 201 एवं 120बी भादवि के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने उन्हें तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित का कृत्य गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और ऐसे कर्मचारी का शासकीय सेवा में बने रहना उचित नहीं है। इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से उन्हें शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें दिया जा रहा जीवन निर्वाह भत्ता भी 24 अप्रैल 2026 से समाप्त कर दिया गया है।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!