कलेक्टर की जासूसी कर रहे थे कर्मचारी, कलेक्टर ने खुद स्टिंग कर पकड़ा बड़ा खेल

Edited By Himansh sharma, Updated: 08 May, 2026 01:51 PM

damoh collector busts secret leak network

दमोह जिले से प्रशासनिक गोपनीयता भंग होने का बड़ा मामला सामने आया है।

दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले से प्रशासनिक गोपनीयता भंग होने का बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के चैंबर में होने वाली गोपनीय चर्चाएं और फोन कॉल्स बाहर लीक होने की आशंका के बाद खुद कलेक्टर ने स्टिंग ऑपरेशन कर पूरा मामला पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप मच गया है।जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर एक विभाग के गुप्त निरीक्षण की तैयारी कर रहे थे। इस बैठक में सिर्फ चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन कुछ ही देर बाद संबंधित विभाग तक निरीक्षण की सूचना पहुंच गई। यहीं से कलेक्टर को शक हुआ कि उनके चैंबर की बातें बाहर लीक हो रही हैं।

मोबाइल से किया सीक्रेट टेस्ट

सूत्रों के अनुसार, मामले की सच्चाई जानने के लिए कलेक्टर ने खुद एक प्लान बनाया। उन्होंने अपने मोबाइल पर न्यूज चलाकर आवाज तेज कर दी और फोन कमरे में छोड़कर बाहर निकल गए। इसके बाद बगल के कमरे में मौजूद फोन पर वही आवाज सुनाई देने का दावा किया गया। इससे साफ हो गया कि कलेक्टर कक्ष की बातें किसी तरह दूसरे कमरे तक पहुंच रही थीं।

एक कर्मचारी सस्पेंड, दो हटाए गए

मामला सामने आते ही सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी सचिन खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं अजय कुमार असाटी और भृत्य जयदेव अहिरवार को कलेक्टर कार्यालय से हटाकर उनके मूल विभाग वापस भेज दिया गया है।

फोन सेट सील, तकनीकी जांच शुरू

कलेक्टर कार्यालय में लगे दो टेलीफोन सेट सील कर तकनीकी जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर गोपनीय बातें किस तकनीक या तरीके से बाहर पहुंच रही थीं और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कलेक्टर बोले- लंबे समय से चल रही थी गतिविधि

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आशंका जताई कि कुछ कर्मचारी निजी स्वार्थ या अधिकारियों की नजर में अच्छा बनने के लिए गोपनीय सूचनाएं बाहर साझा कर रहे थे। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

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