जनसुनवाई में बवाल! किसान ने कलेक्टर को कहा ‘बिकाऊ’, पिता-पुत्र गिरफ्तार

Edited By Vandana Khosla, Updated: 06 May, 2026 01:28 PM

chaos at public hearing farmer calls collector  sellout

खंडवाः मध्यप्रदेश के खंडवा में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया। जब एक किसान पिता-पुत्र ने कलेक्टर को ‘बिकाऊ’ कह दिया। दरअसल, किसान का उसकी जमीन से जुड़े रास्ते का विवाद लंबे समय से चल रहा है। किसान का आरोप है कि उसने कई...

खंडवाः मध्यप्रदेश के खंडवा में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया। जब एक किसान पिता-पुत्र ने कलेक्टर को ‘बिकाऊ’ कह दिया। दरअसल, किसान का उसकी जमीन से जुड़े रास्ते का विवाद लंबे समय से चल रहा है। किसान का आरोप है कि उसने कई बार जनसुनवाई में आवेदन दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को भी उन्होंने कलेक्टर ऋषव गुप्ता के सामने जमीन विवाद का मुद्दा रखा। लेकिन, कलेक्टर ने केवल मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया। जिससे आक्रोशित होकर पिता-पुत्र ने कहा- “तुम बिकाऊ हो”, दोनों ने जमकर हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, खंडवा में कलेक्टर सभागार में मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छैगांवमाखन क्षेत्र के ग्राम बरूड़ निवासी किसान रामनारायण कुमरावत और उनका बेटा श्याम भी पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर ऋषव गुप्ता के सामने जमीन से जुड़े रास्ते के विवाद का मुद्दा रखा। बताया गया कि किसान पिता-पुत्र मे पहले भी कई बार जनसुनवाई में संबंधित मामला रखा गया था। इसी बीच मंगलवार को कलेक्टर ने मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया, तो दोनों गुस्से से आग बबूला हो उठे। मौके पर जमकर हंगामा किया।

किसान ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि सभी बिकाऊ है, अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आत्महत्या की बात कही। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कलेक्टर सभागार में माहौल बिगड़ता देखकर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला गया। इस दौरान किसान पिता-पुत्र और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सभागार से बाहर निकलते ही किसान ने मीडिया के सामने अपनी बात रख दी।  

घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर मौके पर पहुंचे और दोनों को हिरासत में लेने के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस ने पिता और पुत्र को पकड़कर मजिस्ट्रेट के चैंबर में बैठाया और दोपहर 2 बजे उन्हें जेल भेज दिया। दोनों के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जब इस घटना की जानकारी कांग्रेस नेताओं को मिली, तो वे सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचे और जमानत की मांग की, लेकिन मजिस्ट्रेट ने मना कर दिया और कहा कि अगली सुबह ऑफिस समय में आकर जमानत ले लें। इसके विरोध में कांग्रेस ने धरना शुरू कर दिया।

इसी बीच शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को फोन पर पूरी जानकारी दी। इसके बाद पटवारी ने कलेक्टर से बात की। रात करीब 8:35 बजे सिटी मजिस्ट्रेट कलेक्ट्रेट पहुंचे और कांग्रेस के आवेदन पर पिता-पुत्र को जमानत दे दी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि दोनों के बीच मारपीट की स्थिति बन रही थी, इसलिए कार्रवाई की गई। करीब 6 घंटे बाद रात में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।



 

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