Edited By meena, Updated: 07 May, 2026 04:37 PM

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का सख्त रुख देखने को मिला। सरकारी हैंडपंप पर दबंग परिवार द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने तहसीलदार और...
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का सख्त रुख देखने को मिला। सरकारी हैंडपंप पर दबंग परिवार द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अधिकारी सरकारी संपत्ति की रक्षा और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। कलेक्टर के तेवर देखकर जनसुनवाई में मौजूद लोगों के बीच भी प्रशासनिक सख्ती की चर्चा होने लगी।
कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जनसुनवाई में करीब 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े थे, जैसे नामांतरण, बंटवारा, रिकॉर्ड सुधार और पुराने आदेशों का पालन। इसके अलावा निजी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने, श्रम विभाग, नगरीय निकाय, शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति और राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। सभी विभागों को शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर की सख्ती का असर तुरंत दिखाई दिया। आदेश मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची और दबंगों द्वारा हैंडपंप के चारों ओर लगाया गया गेट हटाकर अतिक्रमण समाप्त कराया। कुछ ही घंटों में हैंडपंप दोबारा ग्रामीणों के उपयोग के लिए चालू कर दिया गया। इस कार्रवाई से गांव के लोगों को राहत मिली, वहीं जिले के अन्य अधिकारियों को भी प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश गया।