निगम मंडल फर्जी नियुक्ति मामला: मंत्रालय की बड़ी चूक आई सामने, दबाने में जुटे थे अधिकारी

Edited By meena, Updated: 11 May, 2026 01:11 PM

corporation board fake appointment scandal major lapse by ministry exposed

मध्य प्रदेश में नियुक्तियों का दौर जारी है। इसी बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सिंगरौली विकास प्राधिकरण नियुक्ति का आदेश फर्जी निकला। सोशल मीडिया पर वायरल इस फर्जी आदेश ने न सिर्फ नए अध्यक्ष...

भोपाल : मध्य प्रदेश में नियुक्तियों का दौर जारी है। इसी बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सिंगरौली विकास प्राधिकरण नियुक्ति का आदेश फर्जी निकला। सोशल मीडिया पर वायरल इस फर्जी आदेश ने न सिर्फ नए अध्यक्ष को बल्कि उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को बेवकूफ बना दिया। किसी को जरा भी इस जारी लैटर के फर्जी होने का शक नहीं हुआ।

बधाइयों का सिलसिला

निगम मंडलों, आयोग और प्राधिकरणों ताबड़तोड़ हुई नियुक्तियों के बीच सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष का नाम भी सामने आया था। जिसमें विंध्य निवासी भाजपा नेता वीरेंद्र गोयल को नया अध्यक्ष बताया गया। यह आदेश 1 मई की तारीख का है। इसके बाद सिलसिला शुरु हुआ बधाई और मिठाई खाने खिलाने का। कई भाजपा नेताओं ने वीरेंद्र गोयल को बधाई देते हुए मिठाई खिलाई। इस जश्न में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल भी शामिल रहे। किसी को भनक तक नहीं लगी कि ये आदेश फर्जी हो सकता है। गोयल भी भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और सिंगरौली जिले के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसलिए आदेश में उनका नाम देख कोई और भी शक नहीं कर सका। बधाई का सिलसिला चलता रहा।

मंत्रालय की बड़ी चूक आई सामने

जिस फर्जी आदेश पर जश्न हो रहा था जब इस आदेश की जानकारी मंत्रालय पहुंची तो वहां मानों भूचाल आ गया हो और इस पत्र के फर्जी होने का राज खुल गया। असल में सिंगरौली विकास प्राधिकरण को लेकर मंत्रालय स्तर पर पहले ही एक चूक हो चुकी थी, जिसे जिम्मेदारी अधिकारी दबाए बैठे थे और इसे राज ही रखना चाहते थे। लेकिन इस एक गलती ने दूसरी गलती का खुलासा कर दिया। असल में फरवरी में जारी जिस आदेश में सभी निगम-मंडलों की पुरानी कार्यकारिणी को भंग किया गया था, उसमें अधिकारी सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नाम जोड़ना भूल गए थे। ऐसे में जब तक पुराने प्राधिकरण को भंग नहीं किया जाता, तब तक नए अध्यक्ष की नियुक्ति भी नहीं हो सकती। जब अधिकारियों को अपनी पहली गलती का अहसास हुआ तो तत्काल नई नियुक्ति के आदेश की पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि प्राधिकरण भंग नहीं हुआ था और यह आदेश फर्जी है।

सिंगरौली विकास प्राधिकरण का आदेश जल्द होगा जारी

विभाग के आला अफसरों ने जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। वायरल आदेश फर्जी है। विभाग के अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भी हकीकत से अवगत कराया है। बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है। सोशल मीडिया पर इससे पहले भी निगम मंडल नियुक्तियों की अन्य फर्जी सूची वायरल हो चुकी है।

वीरेंद्र गोयल की कभी खुशी कभी गम जैसे हाल

वहीं सिंगरोली के पूर्व जिला अध्यक्ष गोयल जिनको इस फर्जी सूची में सिंगरौली विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बताया गया था उनकी हालत कभी खुशी कभी गम मूवी जैसी हो गई है। लगातार 8 दिन चले इस जश्न के बाद अब अचानक से इस फर्जी आदेश के बाद उनका परेशान होना स्वाभाविक है। हालांकि सोशल मीडिया पर अभी भी बधाइयों का सिलसिला जारी है। मगर नियुक्ति आदेश उन्हें आज तक नहीं मिला। वहीं दूसरी ओर पुराना प्राधिकरण भंग न किए जाने से दिलीप शाह आज भी अध्यक्ष हैं।

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