Edited By Himansh sharma, Updated: 27 Mar, 2026 04:50 PM

मानपुर स्थित चर्चित फार्महाउस जुआकांड अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई में बदल गया है।
इंदौर। मानपुर स्थित चर्चित फार्महाउस जुआकांड अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई में बदल गया है। मामले में सस्पेंड किए गए टीआई लोकेंद्र सिंह हिहोरे ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें एफआईआर में तथ्यों से छेड़छाड़ न करने की वजह से निलंबित किया गया। याचिका में टीआई ने स्पष्ट कहा है कि घटना के बाद उन पर लगातार दबाव बनाया गया कि एफआईआर में दर्ज फार्महाउस का नाम और स्थान बदला जाए, लेकिन उन्होंने नियमों के अनुसार सही जानकारी दर्ज की। इसी के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव गृह विभाग, डीजीपी, आईजी ग्रामीण, एसपी ग्रामीण, एडिशनल एसपी और एसडीओपी को पक्षकार बनाते हुए जवाब तलब किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित की गई है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूरी कार्रवाई प्रशासनिक दबाव में की गई और शक्तियों का दुरुपयोग हुआ। टीआई ने यह सवाल भी उठाया कि एएसआई रेशम गिरवाल को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि वे घटना के समय छुट्टी पर थीं और ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं।
गौरतलब है कि 10-11 मार्च की रात मानपुर स्थित फार्महाउस पर जुआ पकड़े जाने के बाद 11 मार्च को एसपी यांगचेन डोलकर भाटिया ने टीआई लोकेंद्र सिंह हिहोरे, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को निलंबित कर दिया था। अब मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। 1 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई को इस जुआकांड में अहम माना जा रहा है, जहां यह साफ हो सकता है कि कार्रवाई नियमों के तहत हुई या फिर किसी दबाव में।