Edited By Desh Raj, Updated: 21 Jul, 2026 05:22 PM

मध्य प्रदेश की विधान सभा में UCC बिल भारी विरोध और हंगामे के बीच पास हो गया है। ऐसा करना वाला मध्य प्रदेश देश का चौथा राज्य बन गया है। विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच यह बिल पारित हुआ है।
(भोपाल ):मध्य प्रदेश की विधान सभा में UCC बिल भारी विरोध और हंगामे के बीच पास हो गया है। ऐसा करना वाला मध्य प्रदेश देश का चौथा राज्य बन गया है। विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच यह बिल पारित हुआ है। इसे सत्ता पक्ष की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। कांग्रेस इस इसको प्रवर समीति के पास भेजना चाहती और कई संशोधन भी चाहती थी। कांग्रेस ने इस बिल को RSS का एजेंडा बताया तो सीएम मोहन ने भी बड़ी बात बोली।
RSS का एजेंडा अगर राष्ट्रवादी है, तो एक नहीं 100 बार करेंगे- सीएम मोहन
विधानसभा में भारी हंगामे और तीखी बहस के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास हुआ है। विपक्षी सदस्य लगातार नारे लगाते रहे। कांग्रेस का कहना है कि इस बिल को पास करवाकर बीजेपी RSS का एंजेंडा चलाना चाहती है। इस पर मोहन यादव ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए साफ साफ कह दिया कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा राष्ट्रहित और राष्ट्रवाद से जुड़ा है, तो उसे एक नहीं बल्कि 100 बार लागू किया जाएगा। लिहाजा मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बटोर रहा है औऱ चर्चा का विषय बन गया है।
सीएम मोहन यादव ने इस बिल को सामाजिक समानता, महिला अधिकारों और एक देश-एक कानून की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए इसकी प्रशंशा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद एक से अधिक विवाह करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही UCC के तहत उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में महिलाओं को पुरुषों के अधिकार बराबर होगें।
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लिव-इन संबंध के नाम पर विवाह की न्यूनतम आयु से जुड़े नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मोहन यादव ने सदन में दावा किया कि UCC को 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों का समर्थन प्राप्त हुआ है