Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Sep, 2026 04:43 PM

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम में एक ऐसा सियासी संवाद सामने आया, जिसने कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी राजनीतिक चर्चाओं को गर्म रखा।
इंदौर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इंदौर दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम में एक ऐसा सियासी संवाद सामने आया, जिसने कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी राजनीतिक चर्चाओं को गर्म रखा। गांधी नगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए आयोजन की तैयारियों और रूपरेखा का श्रेय उनके नेतृत्व को दिया। इसके बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की बात को ही अलग अंदाज में दोहराया और ‘राज की बात’ का जिक्र किया। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। दरअसल, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम के लिए भाजपा संगठन स्तर पर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। अलग-अलग स्तर पर बैठकें और व्यवस्थाओं को लेकर गतिविधियां जारी थीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तैयारियों का उल्लेख करते हुए गौरव रणदिवे को आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
मुख्यमंत्री के इस उल्लेख के बाद जब कैलाश विजयवर्गीय ने मंच संभाला तो उन्होंने उसी बात को अपने अंदाज में आगे बढ़ाया। विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि आज उन्हें एक ‘राज की बात’ पता चली कि कार्यक्रम के सूत्रधार गौरव रणदिवे थे। इसके साथ ही उन्होंने रणदिवे को सफल आयोजन के लिए बधाई और आभार भी दिया। यही हिस्सा अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
मंच की कुछ सेकंड की बात ने बढ़ाई सियासी हलचल
विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। हालांकि मंच से दिए गए बयान में उन्होंने सीधे तौर पर किसी विवाद या मतभेद की घोषणा नहीं की, लेकिन मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद उनके द्वारा ‘राज की बात’ वाला जुमला इस्तेमाल किए जाने ने चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नितिन नवीन के इंदौर दौरे को लेकर पार्टी संगठन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। इसी दौरान मंच पर नेताओं के बीच हुए इस संवाद का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई।
गौरव रणदिवे के नाम पर विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया क्यों चर्चा में?
गौरव रणदिवे लंबे समय से इंदौर भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। नितिन नवीन के कार्यक्रम की तैयारियों में भी संगठन स्तर पर उनकी भूमिका का मुख्यमंत्री ने मंच से उल्लेख किया। दूसरी ओर, विजयवर्गीय भी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सक्रिय रहे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा रणदिवे का नाम लेकर आयोजन की जिम्मेदारी का उल्लेख और उसके तुरंत बाद विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया ने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य औपचारिक टिप्पणी से आगे चर्चा का विषय बना दिया।
सज्जन सिंह वर्मा ने वीडियो शेयर कर भाजपा पर साधा निशाना
मामला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी इस घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने वीडियो के जरिए भाजपा के ‘अनुशासन’ और ‘पार्टी विद डिफरेंस’ वाले दावे पर तंज कसा।
वर्मा ने अपने पोस्ट में दावा किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर में भाजपा की ताकत देखने पहुंचे थे, लेकिन मंच से सामने आई खींचतान भी चर्चा का हिस्सा बन गई। कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया भी सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। फिलहाल, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख और उसके बाद कैलाश विजयवर्गीय का ‘राज की बात’ वाला बयान इंदौर की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। मंच पर हुई कुछ सेकंड की यह बातचीत अब वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याओं के साथ सामने आ रही है।