26, 27, 28 और 29 अक्टूबर तक मौसम विभाग की बड़ी भविष्यवाणी, कई जिलों में भारी बारिश मचाएगी तांडव; रहें सावधान

Edited By Vandana Khosla, Updated: 26 Oct, 2026 12:36 PM

major forecast from the meteorological department for october 26 27 28

रायपुरः छत्तीसगढ़ राज्य में मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। राज्य में अगले चार दिन के लिए मौसम की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती...

रायपुरः छत्तीसगढ़ राज्य में मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। राज्य में अगले चार दिन के लिए मौसम की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने रविवार देर रात किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने तथा 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना थी। वहीं, 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर और सुकमा सहित विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश जारी रहने, जबकि 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि धान, दलहन और तिलहन की पककर तैयार फसलों की कटाई आगामी दो से चार दिनों तक स्थगित रखें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसलों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। खेतों में जलभराव रोकने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करें। वैज्ञानिकों ने फसलों में रोग और कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों या कवक नाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है।

रबी फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए नवंबर के प्रथम सप्ताह से बुवाई शुरू करने का सुझाव दिया गया है। सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। तेज हवा की आशंका को देखते हुए करेला और लौकी जैसी लता वाली सब्जियों के लिए सहारे की व्यवस्था करने तथा केले के पौधों और फलदार वृक्षों को आवश्यकतानुसार सहारा देने की सलाह दी गई है। सब्जियों के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने और बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवक नाशकों का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है।

पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर बांधने से बचने तथा उनके लिए सूखे चारे और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह का पालन करने की अपील की है। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन और पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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