मोहन कैबिनेट में हो सकता है बड़ा फेरबदल: गोपनीय रिपोर्ट तैयार, इन मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, देखें नाम!

Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Oct, 2026 02:41 PM

mp cabinet reshuffle soon 5 ministers under review 4 berths vacant

मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है।

भोपाल : मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में बहुत जल्द एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल (Cabinet Reshuffle & Expansion) की तैयारी पूरी कर ली गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन और सरकार के स्तर पर मंत्रियों के काम-काज का एक गोपनीय 'रिपोर्ट कार्ड' तैयार किया गया है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में कुछ कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

विभाग कटना केवल शुरुआत; परफॉर्मेंस पर सख्त हुआ नेतृत्व!

मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव के संकेत तब और मजबूत हो गए जब राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लाखन पटेल के विभागों में अचानक बड़ी कटौती कर दी गई। उनसे पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का प्रभार वापस लेकर खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने हाथों में ले लिया और उन्हें केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद लिया गया यह फैसला बाकी मंत्रियों के लिए भी एक सीधा और कड़ा संदेश है।

राडार पर 5 मंत्री, दिग्गजों के विभागों में भी हेर-फेर संभव!

भोपाल और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, आगामी चुनावों के रोडमैप को देखते हुए करीब 5 से 6 मंत्रियों के कामकाज को लेकर संगठन में असंतोष है:

इन मंत्रियों की कुर्सी पर सस्पेंस: 

अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर है कि विजय शाह, दिलीप अहिरवार, प्रतिभा बागरी, राधा सिंह और एदल सिंह कंसाना जैसे मंत्रियों के परफॉर्मेंस और उनके क्षेत्रों के समीकरणों की समीक्षा की जा रही है। कयास हैं कि इनमें से कुछ को संगठन की मुख्यधारा में वापस भेजा जा सकता है।

वरिष्ठ नेताओं का पोर्टफोलियो री-लोकेशन: 

केवल मंत्रियों को हटाना ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक गति को और तेज करने के लिए प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के मौजूदा विभागों की प्रोफाइल में भी फेरबदल किया जा सकता है।

4 खाली पदों के लिए रेस तेज, इन महिला चेहरों को मिल सकती है तरजीह

मध्य प्रदेश विधानसभा के नियमों के मुताबिक कैबिनेट में अधिकतम 35 सदस्य हो सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम सहित मंत्रियों की कुल संख्या 31 है, जिसका मतलब है कि 4 ministerial berths (मंत्रिपद) अभी भी खाली हैं। इन सीटों को भरने के लिए  इन सीटों को भरने के लिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का नया फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है: 

सीनियर महिला विधायकों की एंट्री तय?: 

आधी आबादी को सही प्रतिनिधित्व देने और वरिष्ठता को सम्मान देने के लिए रीति पाठक, अर्चना चिटनिस और मालिनी गौड़ जैसी दिग्गज महिला नेताओं के नामों पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। इन्हें नए विस्तार में बड़ी कैबिनेट रैंक दी जा सकती है।

क्षेत्रीय असंतोष दूर करने की कवायद:

 इन खाली पदों के जरिए बुंडेलखंड, विंध्य और महाकौशल संभाग के उन जिलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा जो पिछले विस्तार में पीछे छूट गए थे।

आंतरिक संतुलन और 'डैमेज कंट्रोल' पर फोकस

इस कैबिनेट फेरबदल का एक बड़ा मुख्य फोकस ग्वालियर-चंबल संभाग में चल रही अंदरूनी खींचतान को शांत करना भी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों और पुरानी भाजपा के बीच जो हालिया सामंजस्य की कमी देखी गई है, उसे संतुलित करने के लिए दिल्ली आलाकमान ने एक बीच का रास्ता तैयार किया है। सिंधिया गुट के मंत्रियों के पोर्टफोलियो को री-एडजस्ट करके पार्टी के भीतर 'इंटरनल डैमेज कंट्रोल' की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!