Edited By Himansh sharma, Updated: 08 Oct, 2026 06:22 PM
मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं को देश के प्रमुख निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने के लिए मुंबई में इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया।
मुंबई। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं को देश के प्रमुख निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने के लिए मुंबई में इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, नीरज मंडलोई ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक अधोसंरचना, उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की जीडीपी 16.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है और राज्य करीब 8 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2011-12 की तुलना में मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में 4.4 गुना वृद्धि हुई है। आर्थिक विकास के साथ प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी लगातार सृजित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2030 तक राज्य की जीएसडीपी को बढ़ाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश खनिज संपदा और सरप्लस बिजली से समृद्ध राज्य है। उद्योगों के विकास के लिए संसाधन, बिजली, बेहतर लोकेशन और कुशल मानव संसाधन प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं।
340 इंडस्ट्रियल पार्क, 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक
निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश में 340 इंडस्ट्रियल पार्क, 7 स्मार्ट सिटी और 5 आईटी स्पेशल जोन हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए करीब 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी संचालित किया जा रहा है।
प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक भूमि और बिजली से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसकी अवधि 60 दिन से घटाकर 24 दिन कर दी गई है।
टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग में बड़े अवसर
मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फुटवेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और सीमेंट सहित कई क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं बताई गईं। धार में पीएम मित्र पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और गेहूं उत्पादन में भी अग्रणी है। ऐसे में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में पंप स्टोरेज यूनिट विकसित की जा रही हैं। वहीं लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क भी स्थापित किए गए हैं। खनन और सीमेंट उद्योग में भी प्रदेश तेजी से विस्तार कर रहा है।
पर्यटन और नई टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
पर्यटन क्षेत्र को निवेश का महत्वपूर्ण सेक्टर बताते हुए कहा गया कि मध्यप्रदेश में 18 यूनेस्को साइट, 9 टाइगर रिजर्व और 12 नेशनल पार्क हैं। उज्जैन के पास वेलनेस सेंटर भी स्थापित किया गया है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए अनुमतियों की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। इसके अलावा डेटा सेंटर, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी प्रदेश तेजी से काम कर रहा है।
निवेशकों को 40% तक प्रोत्साहन
राज्य सरकार निवेशकों को 40 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। विभिन्न सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप निर्णय लेने के लिए कैबिनेट कमेटी का गठन किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई कानूनी बाधाओं को हटाया गया है और उद्योगों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
सागर से ग्वालियर तक नए औद्योगिक क्षेत्र
प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। सागर में 105 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। वहीं ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।
उज्जैन, रतलाम, भोपाल के सतगढ़ी और जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देना है।