Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 Oct, 2026 10:01 AM

भोपालः मध्यप्रदेश भाजपा की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी अहम खबर सामने आ रही है। जहां एमपी भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नया अभियान शुरु किया है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष और कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के हमलों का जवाब देने के...
भोपालः मध्यप्रदेश भाजपा की राजनीति में से इस वक्त की बड़ी अहम खबर सामने आ रही है। जहां एमपी भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नया अभियान शुरु किया है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष और कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के हमलों का जवाब देने के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके लिए प्रदेश स्तरीय टीमों का गठन किया है। जिसमें कई बड़े चेहरों को कमान सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर कार्य योजना तैयार की गई है। जिसमें मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्रा, बौद्धिक संवाद, युवा संवाद, छात्र प्रतियोगिताएं और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जाएंगे।
इन्हें अभियान के संयोजक की जिम्मेदारी मिली
1. प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को अभियान के संयोजक बनाया गया है।
इन सांसद-विधायकों को सह-संयोजक की सौंपी कमान
1. सांसद एवं प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े
2. ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार
3. प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक
4. सांसद आलोक शर्मा
5. विधायक राजेश सोनकर
BJP दिग्गजों को मिली विभिन्न जिम्मेदारियां
1. पदयात्रा: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश महामंत्री रणवीर रावत और पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष वैभव पवार
2. राष्ट्र चिंतन संवाद: मंत्री राकेश सिंह, विधायक गौरव पारधी और विधायक रीति पाठक
3. युवा संवाद: मंत्री इंदर सिंह परमार, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर और मुदित शेजवार
4. छात्र प्रतियोगिताएं: मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, युवा आयोग अध्यक्ष प्रवीण शर्मा और विधायक नीरज ठाकुर
5. घुसपैठिया हटाओ अभियान के लिए विशेष टीम गठितः उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक अर्चना चिटनिस और मनोरंजन मिश्रा
इसके अलावा मीडिया, सोशल मीडिया और प्रचार पर विशेष फोकस के लिए टीम का गठन किया गया है। इन सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल, कार्यक्रमों की तारीखों का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी द्वारा तिथियों की घोषणा के बाद अभियान को जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।