जन्मदिन पर प्रकृति को समर्पण: CM मोहन यादव ने कछुओं को दी आज़ादी, वन संरक्षण और जैव विविधता को दी नई दिशा

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 28 Mar, 2026 08:11 PM

on birthday cm promotes wildlife conservation releases turtles in nauradehi

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के वन और जल स्त्रोतों को समृद्ध बनाने तथा वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अपने जन्मदिवस के अवसर पर उन्होंने सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, नौरादेही में संरक्षित प्रजाति...

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के वन और जल स्त्रोतों को समृद्ध बनाने तथा वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अपने जन्मदिवस के अवसर पर उन्होंने सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, नौरादेही में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव विविधता संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई।

कछुओं को जल में छोड़ने की इस पहल का उद्देश्य जल संरचनाओं को स्वच्छ बनाए रखना और जलीय पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत करना है। इस अवसर पर चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े का पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति और वन्य जीवों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। उनका मानना है कि वन्य और जलीय जीव न केवल जैव विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि वनों और जल स्रोतों के संरक्षण में भी सहायक होते हैं। इसके साथ ही वन्य जीवों की उपस्थिति से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश की महत्वपूर्ण धरोहर हैं, क्योंकि कई प्रमुख नदियों का उद्गम यहीं से होता है। ऐसे में वनों की सुरक्षा पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सामुदायिक सहभागिता के साथ वन प्रबंधन पर जोर देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘विजन@2047 – री-इमेजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर’ डॉक्यूमेंट का विमोचन भी किया गया है, जो भविष्य की वन नीति को दिशा देगा।

वन प्रबंधन में बदलते जलवायु परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक और पारिस्थितिकी आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। साथ ही वन आश्रित समुदायों को लाभार्थी नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सहप्रबंधक और संरक्षक के रूप में शामिल किया जा रहा है, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष लाभ भी मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में डिजिटल तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देते हुए वन संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य वनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, समृद्ध और उपयोगी संसाधन के रूप में संरक्षित करना है।

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