Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Oct, 2026 11:25 AM
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में पेयजल संकट को लेकर आयोजित शिविर में उस समय माहौल गरमा गया
राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में पेयजल संकट को लेकर आयोजित शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब राजगढ़ विधायक अमरसिंह यादव ने जल निगम के महाप्रबंधक (GM) यूके चौधरी को ग्रामीणों की शिकायतों पर जमकर घेरा। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा भी मौजूद थे। ग्रामीणों को पानी नहीं मिलने की समस्या पर विधायक की नाराजगी खुलकर सामने आई।
विवाद की मुख्य वजह ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में पाइपलाइन बिछाने का काम होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इस परेशानी से करीब 50 गांवों के लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायतों के बीच विधायक ने जल निगम के अधिकारियों से जवाब मांगा और व्यवस्था में लापरवाही को लेकर सवाल उठाए।
मेरे सामने ऐसे बोल रहे हैं, तो जनता से कैसा व्यवहार करते होंगे?'
शिविर में अधिकारियों से चर्चा के दौरान विधायक अमरसिंह यादव का गुस्सा उस समय बढ़ गया, जब पेयजल समस्या को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई। विधायक ने कहा कि उनके सामने सरपंच गलत जानकारी नहीं दे रहा है, बल्कि क्षेत्र के लोग वास्तव में पानी की परेशानी झेल रहे हैं।
उन्होंने जल निगम के GM को फटकार लगाते हुए कहा कि पूरे विभाग की व्यवस्था खराब हो चुकी है और अधिकारी अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय अलग-अलग जवाब दे रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारियों को समस्या की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पाइपलाइन बिछी, भुगतान भी हुआ, फिर पानी कहां?
विधायक ने जल निगम के कामकाज पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है और उसके लिए भुगतान भी किया जा चुका है, तो ग्रामीणों को पेयजल क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।
विधायक ने कलेक्टर की मौजूदगी में GM के व्यवहार पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि जब अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सामने इस तरह का रवैया अपना रहे हैं, तो आम ग्रामीणों के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा। इस टिप्पणी के बाद शिविर में मौजूद लोगों का ध्यान पूरी तरह पेयजल व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर केंद्रित हो गया।
ग्रामीण ने भी अधिकारियों को दी चुनौती
शिविर में एक ग्रामीण ने भी पानी की उपलब्धता को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उसने कहा कि यदि संबंधित पाइपलाइन में वास्तव में पानी पहुंच रहा है, तो वह इसके लिए किसी भी सजा का सामना करने को तैयार है। ग्रामीण की इस बात से साफ हुआ कि क्षेत्र के लोग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जवाब चाहते हैं।
मौके पर मौजूद कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को समझने और स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों की शिकायतों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि आखिर पाइपलाइन और अन्य व्यवस्थाओं पर काम होने के बाद भी लोगों को पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है।
शिविर के बाद भी चर्चा में रहा मामला
खिलचीपुर में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई इस तीखी बहस के बाद जल निगम की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बन गई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग उनकी शिकायतों का समाधान कब तक करता है और जिन गांवों में पाइपलाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा, वहां नियमित जलापूर्ति कब शुरू होगी। फिलहाल, इस पूरे मामले ने पेयजल परियोजनाओं के क्रियान्वयन, अधिकारियों की जवाबदेही और ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।