SIR में मिर्ची बाबा का नाम वोटर लिस्ट से गायब, बोले- मैं जिंदा हूं तो मेरा वोट क्यों काटा?

Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Oct, 2026 04:30 PM

mirchi baba s name deleted from voter list says he is alive

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज, जिन्हें मिर्ची बाबा के नाम से जाना जाता है, का दावा है कि मतदाता सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और अपने मताधिकार की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।

मिर्ची बाबा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि यदि कोई व्यक्ति जीवित है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने का आधार स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है, लेकिन गरीबों, ठेला लगाकर आजीविका चलाने वालों और संन्यासियों के नाम भी सूची से हटने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

संन्यासी की पहचान और दस्तावेजों पर उठाए सवाल

मिर्ची बाबा ने अपनी बात रखते हुए संन्यास परंपरा का हवाला दिया। उनका कहना है कि संन्यास ग्रहण करने के बाद व्यक्ति का पुराना नाम और पारिवारिक पहचान बदल जाती है। पिंडदान की परंपरा के बाद संन्यासी सांसारिक पारिवारिक संबंधों से अलग जीवन व्यतीत करता है और उसकी पहचान गुरु परंपरा से जुड़ती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब संन्यास के बाद उनका नाम महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज हो गया, तो उनसे पुराने पारिवारिक नाम और माता-पिता से जुड़े दस्तावेजों की मांग किस तरह पूरी की जाए। बाबा के मुताबिक, जन्मस्थान और परिवार से संबंधित प्रमाण जुटाने में संन्यासियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए लागू नियमों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही किसी मामले का अंतिम निर्णय किया जाता है।

शिक्षक से बातचीत में सामने आई नाम कटने की जानकारी

मिर्ची बाबा ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से दुबई में थे। इस वजह से मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर उनका ध्यान नहीं गया। बाद में जब उन्होंने SIR को लेकर मीडिया में खबरें देखीं, तो ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में एक स्थानीय शिक्षक से संपर्क किया।

बाबा के अनुसार, शिक्षक ने उन्हें बताया कि मतदाता सूची से उनका नाम हट चुका है। इसकी वजह पिता से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होना बताई गई। हालांकि, नाम हटाने के आधिकारिक आदेश, संबंधित रिकॉर्ड और चुनाव अधिकारियों की ओर से इस मामले में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

चुनाव लड़ने और आयकर भरने का दिया हवाला

मिर्ची बाबा ने कहा कि वह पहले चुनाव लड़ चुके हैं और आयकर भी जमा करते हैं। उनका तर्क है कि एक नागरिक के तौर पर मतदान करना उनके अधिकारों में शामिल है और इस अधिकार को समाप्त करने के लिए उचित आधार होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। संविधान और कानून के तहत अदालत जाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि आखिर किस आधार पर उनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया। बाबा ने यह भी दावा किया कि कई अन्य संन्यासियों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं, लेकिन वे इस विषय पर खुलकर अपनी बात नहीं रख रहे हैं।

दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार हुए थे मिर्ची बाबा, अदालत ने किया बरी

मिर्ची बाबा इससे पहले वर्ष 2022 में एक आपराधिक मामले को लेकर भी चर्चा में आए थे। रायसेन की एक महिला ने उन पर नशीली भभूति खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। महिला की शिकायत के बाद भोपाल के महिला थाने में मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने 9 अगस्त 2022 को ग्वालियर से मिर्ची बाबा को गिरफ्तार किया था। बाद में 5 सितंबर 2023 को अदालत ने उन्हें मामले में बरी कर दिया। वह अगले दिन जेल से बाहर आए थे। यह मामला उस समय प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था।

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