Edited By meena, Updated: 14 Oct, 2026 06:49 PM

सरकार गरीबों को मुफ्त राशन देकर उनके पेट की आग बुझाने का दावा करती है, लेकिन शहडोल में गरीब आदिवासियों के निवाले पर ही सवाल खड़े...
शहडोल (कैलाश लालवानी) : सरकार गरीबों को मुफ्त राशन देकर उनके पेट की आग बुझाने का दावा करती है, लेकिन शहडोल में गरीब आदिवासियों के निवाले पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि राशन दुकान में अंगूठा लगवाकर अनाज तो आहरित कर लिया गया, लेकिन करीब 300 आदिवासी परिवारों को दो महीने का राशन नहीं मिला, मामला बुढ़ार जनपद के छतई गांव का है, जहां गरीब अपने हक के अनाज के लिए भटक रहे हैं। सवाल है, आखिर गरीबों के हिस्से का राशन गया कहां?
शहडोल जिले के झिकबिजरी लैम्प्स अंतर्गत छतई की शासकीय राशन दुकान के तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन पर हितग्राहियों से गलत तरीके से अंगूठा लगवाकर राशन आहरित करने के आरोप हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर विभागीय जांच हुई और विक्रेता को निलंबित कर दिया गया। अब दुकान की जिम्मेदारी जैनुल को सौंपी गई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब तक दो महीने का राशन नहीं मिला, कथित अनियमितता का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। अब सवाल है कि कार्रवाई के बाद भी गरीबों को उनका हक कब मिलेगा।