Edited By Desh Raj, Updated: 23 May, 2026 02:48 PM

चुनाव आयोग ने खाली हो रही राज्यसभा सीटों को लेकर तारीखों का ऐलान कर दिया है। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी होते ही मध्य प्रदेश में भी हलचल शुरु हो गई है।
(डेस्क): चुनाव आयोग ने खाली हो रही राज्यसभा सीटों को लेकर तारीखों का ऐलान कर दिया है। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी होते ही मध्य प्रदेश में भी हलचल शुरु हो गई है।चुनाव आयोग के मुताबिक इन सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा और इसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती भी होगी।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को अपनी दिग्विजय सिंह वाली सीट बचानी है, लेकिन इस सीट पर बन रहे समीकरण कांग्रेस के लिए दिक्कत भी पैदा कर सकते हैं। इस सीट पर कांग्रेस की ओर से कई नेताओं ने दावेदारी ठोंक दी है जिसके चलते कांग्रेस को ये सीट चिंता में डाल रही है।
दरअसल इस सीट पर कांग्रेस को स्वीकार्य नेता की तलाश है जो सबको मंजूर भी हो और प्रदेश के ही व्यापक जनाधार भी हो। कांग्रेस मध्यप्रदेश से राज्यसभा की अपनी एक सीट बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है। वर्तमान सांसद दिग्विजय सिंह के दोबारा राज्यसभा जाने से इंकार करने के बाद से उम्मीदवार पर सहमति बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
2 स्तरों पर लड़ाई लड़ रही कांग्रेस
दरअसल इस सीट को बचाने के लिए कांग्रेस में दो स्तरों पर घमासान जारी है, पहला तो उम्मीदवार के नाम पर सबकी सहमति बनाना और दूसरा क्रॉस वोटिंग का डर । इन दो मोर्चों पर कांग्रेस को खासा माथा पच्ची करनी पड़ रही है।
हालांकि प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पहले प्रदेश के दिग्गज नेताओं से रायशुमारी की है, जिसके बाद 5 मई को दिल्ली में हुई बैठक में उम्मीदवार को फाइनल करने को लेकर चर्चा हुई है। जानकारी के अनुसार कांग्रेस मध्यप्रदेश के ही स्वीकार्य और अच्छे खासे जनाधार रखने वाले नेता को आगे भेजेगी। घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस में हलचल बढ़ी है, उम्मीदवार के लिए जल्द बैठक आयोजित की जाएगी। नामों पर चर्चा करके प्रस्ताव एआइसीसी को भेजे जाएंगे।
क्रॉस वोटिंग की चिंता कांग्रेस को कर रही परेशान,बीजेपी का प्लान
कांग्रेस खेमे में अभी उम्मीदवार के नामों को लेकर सशंय जारी है, लेकिन बीजेपी भी कांग्रेस को खेल बिगाड़ने के पूरे समीकरण बनाने में लगी है। हालांकि कांग्रेस के पास अपनी राज्यसभा सीट बचाए रखने के लिए संख्या बल तो है पर,क्रास वोटिंग की आशंका कांग्रेस की चिंता बढ़ा रही है। चर्चा तो यहां तक हो रही है कि कांग्रेस की सीट हथियाने के लिए बीजेपी डमी प्रत्याशी भी उतार सकती है।
एक सदस्य को राज्यसभा भेजने के लिए 58 विधायक जरूरी हैं लेकिन बीना विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले, मुकेश मल्होत्रा के वोटिंग अधिकार निलंबन और राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस की समस्या बढ़ गई है।
62 विधायक ही कांग्रेस के पास वोटिंग के लिए बचे हैं ।लेकिन क्रॉस वोटिंग के डर के कारण कांग्रेस को सीट गंवानी पड़ सकती है। इसलिए पार्टी ऐसे नेता के नाम को फाइनल करना चाहती है जो सबको स्वीकार भी हो और उसका व्यापक जनाधार भी हो।