Edited By Vandana Khosla, Updated: 29 Sep, 2026 11:07 AM

MP desk: मध्यप्रदेश के सतना जिले में से इस वक्त की बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है। जहां जिले के वरिष्ठ राजनेता और नागौद के पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का निधन हुआ है। बताया गया कि वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली के...
MP desk: मध्यप्रदेश के सतना जिले में से इस वक्त की बड़ी दुखद खबर सामने आ रही है। जहां जिले के वरिष्ठ राजनेता और नागौद के पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह का निधन हुआ है। बताया गया कि वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार शाम को रामप्रताप सिंह ने 80 की उम्र में अंतिम सांस ली है। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ी है। बता दें कि रामप्रताप ने नर्मदा जल को सतना लाने के लिए लंबे समय तक कड़ा संघर्ष किया था।
जानकारी के अनुसार, सतना जिले के वरिष्ठ राजनेता और नागौद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रामप्रताप सिंह का निधन हो गया है। वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में उनका इलाज चल रहा था। बीती 27 सितंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली अस्पताल पहुंचाया गया था। जहां चिकित्सकों के द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था। लेकिन, सोमवार शाम को रामप्रताप सिंह का अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिजनों, राजनीतिक गलियारों और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ी है।
बता दें कि रामप्रताप सिंह नागौद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके है। उन्होंने साल 1985 और 1990 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर क्षेत्र से शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1998 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। वह 'झोपड़ी' चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरे थे। यहां भी रामप्रताप सिंह ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। वहीं, सतना जिले में नर्मदा नदी का पानी लाने के लिए रामप्रताप सिंह ने लंबे समय तक कड़ा संघर्ष किया और कई बड़े आंदोलन चलाए। जोकि उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा।