घोर कलयुग, बेटे तीन-तीन, लेकिन  काम का एक भी नहीं, बीमारी में पिता को सामान सहित फैंककर चलते बने

Edited By Desh sharma, Updated: 27 Oct, 2025 06:50 PM

this is a terrible kaliyuga with three sons but none of them is useful

रिश्तों की पहचान मुश्किल समय में होती है। तभी पता चलता है कि कौन अपना है और कौन बेगाना । छतरपुर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर तीन-तीन बेटे होते हुए भी बाप को बीमारी में अकेला छोड़ दिया गया।

छतरपुर (राजेश चौरसिया): रिश्तों की पहचान मुश्किल समय में होती है। तभी पता चलता है कि कौन अपना है और कौन बेगाना । छतरपुर से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर तीन-तीन बेटे होते हुए भी बाप को बीमारी में अकेला छोड़ दिया गया।

रामपाल सिंह बुंदेला छतरपुर के रहने वाले हैं लेकिन इनके तीन बेटे इनको मोटे के महावीर में बीमारी हालत में सामान सहित फेंक गए । लाचार बाप को देखकर आज इनको यहां से उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं बेटों की इस हरकत पर लोगों में गुस्सा है और उनका कहना है कि ऐसे बेटों पर कानूनी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिये। जब  मां-बाप को सबसे ज्यादा जरुरत होती है तो ऐसी हालत में छोड़कर चले गए।

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