Edited By meena, Updated: 20 Oct, 2021 03:38 PM

छत्तीसगढ़ के कोरिया में जिले में कांग्रेस विधायक का एक कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल यहां के मनेंद्रगढ़ से विधायक विनय जायसवाल ने अपने निवास में पत्रकारों को दशहरा दिवाली मिलन के समारोह के नाम पर आमंत्रित किया था। इस दौरान पत्रकारों को...
कोरिया (सूर्यपाल) : छत्तीसगढ़ के कोरिया में जिले में कांग्रेस विधायक का एक कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल यहां के मनेंद्रगढ़ से विधायक विनय जायसवाल ने अपने निवास में पत्रकारों को दशहरा दिवाली मिलन के समारोह के नाम पर आमंत्रित किया था। इस दौरान पत्रकारों को भेंट के तौर पर विधायक की तरफ से 5-5 हजार की राशि का चेक भी वितरित किया गया।

ये राशि जनसंपर्क निधि से बांटी गई, जिसमें क्षेत्र के कुल 60 पत्रकारों को विधायक ने उपकृत किया। इन चेक में कोरिया जिले के अपर कलेक्टर के हस्ताक्षर हैं, जिसे लेकर विरोधी नेता इस बात को दम खम से उठा रहे हैं, कि विधायक सरकारी राशि का उपयोग पत्रकारों को निजी तौर पर उपकृत करने में कर रहे हैं। आपको बतादें, कि जायसवाल इससे पहले महिला कांग्रेस नेताओं को भी जनसंपर्क निधि की राशि के चेक बांटकर सुर्खियों में आ चुके हैं।

पत्रकार बोला- नहीं चाहिए ऐसा पैसा
उधर इस मामले से जुड़ा अलग पहलू उस वक्त सामने आया, कि जिले के ही एक पत्रकार रविकांत सिंह ने इस राशि को लेने से इंकार कर दिया। साथ ही उन्होंने ये चेक कलेक्टर को वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा, कि मैंने जिला प्रशासन से कभी भी किसी भी तरह के अनुदान की मांग नहीं की, आपसे अनुरोध है, कि इस राशि को वापस लेकर अनुदान सूची से मेरा नाम विलोपित कर दें।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल
विधायक विनय जायसवाल के इस कारनामे पर विपक्ष भी फ्रंट फुट पर आ गया है। पूर्व विधायक श्यामबिहारी जायसवाल ने उन पर हमला बोला, और कहा, कि त्योहार में पत्रकारों को उपहार देना गलत नही है। लेकिन मीडिया में अपना चेहरा चमकाने के लिए सरकारी खजाने का दुरुपयोग गलत है।