Edited By meena, Updated: 01 Apr, 2026 06:09 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में बुधवार को एक बडा राजनीतिक भूचाल आ गया। दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष MP-MLA अदालत ने एक घोटाले में तिहाड़ जेल भेज दिया है...
दतिया : मध्य प्रदेश की राजनीति में बुधवार को एक बडा राजनीतिक भूचाल आ गया। दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष MP-MLA अदालत ने एक घोटाले में तिहाड़ जेल भेज दिया है। इस फैसले के साथ ही दतिया में उपचुनाव की सुगबुगाहट शुरु हो गई है। हालांकि कल राजेंद्र भारती के सजा सुनाई जाएगी जिसके साथ ही उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा।
दतिया में उपचुनाव की संभावना तेज
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की MP/MLA कोर्ट ने करीब 25 साल पुराने भूमि विकास बैंक से जुड़े मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। उनकी सजा कल तय होगी।
सजा तय करेगी विधायकी जाएगी या नहीं
यदि राजेंद्र भारती को कोर्ट 2 साल या उससे अधिक की सजा देती है, तो उनकी विधायक सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाएगी। वे आने वाले चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य हो सकते हैं। इसके बाद दतिया सीट पर उपचुनाव की संभावना बढ़ जाएगी।
पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को मिल सकता है कम बैक का मौका
यदि कांग्रेस विधायक की विधायकी जाती है तो दतिया से भाजपा का सबसे मजबूत चेहरा वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा हो सकते हैं। गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा दतिया से चुनाव हार गए थे और उन्हें चुनाव हराने वाले कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ही थे।
क्यों हुई सजा? ये है पूरा मामला
विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम पर बैंक में 10.50 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तीन साल के लिए कराई थी, जिस पर 13.50 प्रतिशत ब्याज निर्धारित था। आरोप है कि बाद में इस एफडी की अवधि में कथित रूप से हेरफेर करते हुए उसे 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया।
इस गड़बड़ी को लेकर बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसे धोखाधड़ी का मामला माना और केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधायक को दोषी करार दिया। अब इस मामले में सजा को लेकर अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।