Edited By meena, Updated: 20 Mar, 2026 01:54 PM

मध्य प्रदेश में जून 2026 को खाली होने वाली राज्यसभा सीटों पर अप्रैल मई में चुनाव होने की संभावना है। इससे पहले राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान में इन...
भोपाल: मध्य प्रदेश में जून 2026 को खाली होने वाली राज्यसभा सीटों पर अप्रैल मई में चुनाव होने की संभावना है। इससे पहले राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। वर्तमान में इन सीटों पर डॉ सुमेर सिंह सोलंकी (भाजपा), जॉर्ज कुरियन (भाजपा) और दिग्विजय सिंह (कांग्रेस) सांसद हैं।
कांग्रेस को क्यों सता रहा डर?
कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव से पहले अपने ही विधायकों की क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। हाल ही में हरियाणा, बिहार और ओडिशा में हुए राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग के उदाहरण सामने आए हैं, जिससे पार्टी सतर्क हो गई है। सूत्रों के अनुसार, इसी आशंका के चलते कांग्रेस अपने विधायकों की “बाड़ेबंदी” (रिसॉर्ट पॉलिटिक्स) की तैयारी में है, ताकि किसी तरह की टूट-फूट से बचा जा सके।
किन विधायकों पर संशय?
कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं, लेकिन निर्मला सप्रे को लेकर स्थिति साफ नहीं है। निर्मला सप्रे लगातार भाजपा के कार्यक्रमों में नजर आ रही हैं। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं कर सकते। इसके अलावा पार्टी को आशंका है कि 5–6 विधायक भाजपा के संपर्क में आ सकते हैं।
क्या कहता है चुनावी गणित?
230 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के पास 165 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 65। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होती है। इस हिसाब से भाजपा को 2 सीट और कांग्रेस को 1 सीट मिलना तय माना जा रहा है।
कहां फंस सकता है पेंच?
सियासी समीकरण तब बिगड़ सकते हैं, अगर कांग्रेस के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें या अनुपस्थित रहें। खासकर अगर निर्मला सप्रे भाजपा के पक्ष में जाती हैं और अन्य 5–6 विधायक भी टूटते हैं, तो कांग्रेस अपनी तय मानी जा रही एक सीट भी गंवा सकती है।
पार्टी का दावा
कांग्रेस नेता पीसी शर्मा का कहना है कि सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि अंदरखाने चल रही हलचल ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी दावा किया है कि पार्टी में सबकुछ ठीक है और सभी विधायक एकजुट है।