Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Mar, 2026 07:26 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया प्रयोग होने जा रहा है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया प्रयोग होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बीजेपी संगठन और सत्ता के बीच जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्लान तैयार कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही ऐसा सिस्टम लागू कर सकती है, जिसमें मंत्रियों के लिए सप्ताह में निश्चित दिन तय किए जाएंगे। इन दिनों में मंत्री अपने मंत्रालय में बैठकर केवल आम जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान पर काम करेंगे। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था कम से कम दो दिन लागू हो सकती है।
मंत्रियों की बैठक और समय का नया फॉर्मेट
नई योजना के तहत कैबिनेट बैठकें भी ज्यादातर मंगलवार को रखने पर विचार किया जा रहा है, ताकि अधिकतर मंत्री भोपाल में मौजूद रहें और उसी दिन जनता से मुलाकात कर सकें। इसके साथ ही मंत्रियों को कम से कम दो घंटे तक अपने कार्यालय में आम जनता के लिए उपलब्ध रहने का सुझाव दिया गया है।
सांसद और विधायकों की भी लगेगी ड्यूटी
सिर्फ मंत्री ही नहीं, बल्कि बीजेपी के सांसद और विधायकों को भी इस व्यवस्था में शामिल करने की तैयारी है।
विधायक हर सप्ताह दो दिन बीजेपी जिला कार्यालयों में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, सांसदों के लिए भी अलग-अलग जिलों और निश्चित दिनों का शेड्यूल तय किया जाएगा ,महीने में अधिकतम जनसंवाद सुनिश्चित करने के लिए नियमित रोटेशन लागू होगा..
जनता से सीधा संवाद, संगठन का फोकस
बीजेपी का लक्ष्य है कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम की जाए और समस्याओं का समाधान सीधे मौके पर हो। इसके लिए मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में ज्यादा समय देने की भी योजना है।फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं बनी है, लेकिन पार्टी के भीतर इसे लेकर गंभीर मंथन चल रहा है और जल्द ही इस पर अमल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह कदम आने वाले समय में मध्य प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यप्रणाली को और ज्यादा “जन-केंद्रित” बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।