Edited By Vikas Tiwari, Updated: 18 Nov, 2025 08:34 PM

छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षाबलों ने शीर्ष नक्सली नेता और सीसी मेंबर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों को मार गिराया। इसे नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी निर्णायक उपलब्धियों...
रायपुर: छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षाबलों ने शीर्ष नक्सली नेता और सीसी मेंबर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों को मार गिराया। इसे नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी निर्णायक उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन में शामिल जवानों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा कि कि “हिड़मा का अंत सिर्फ एक ऑपरेशन की सफलता नहीं, बल्कि बस्तर से लाल आतंक का अध्याय समाप्त होने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।”
हिड़मा: बस्तर का सबसे खूंखार चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिड़मा पिछले कई वर्षों से बस्तर में हिंसा, हत्याओं और दहशत का बड़ा कारण था। उसका ढेर होना क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास के रास्ते को और मजबूत करता है।
नक्सलवाद की कमर टूटी-कई सरेंडर, कैडर कमजोर
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले महीनों में सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, शीर्ष कैडर गिरफ्तार हुए, कई सफल ऑपरेशन लगातार हुए, ये संकेत हैं कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुशासन सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा ला रही है। उन्होंने बताया कि नियद नेल्ला नार योजना, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति, नए सुरक्षा कैंप, गांव–गांव में पहुंच रही सुविधाएँ, इन सबने जनता का विश्वास मज़बूत किया है और बस्तर के हर गांव में नया आत्मविश्वास भरा है।
2026 तक पूर्ण नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि केंद्र–राज्य की संयुक्त रणनीति से मार्च 2026 तक देश पूरी तरह नक्सलमुक्त हो जाएगा।