युवा कांग्रेस चुनाव नतीजे रोकने की मांग, वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप

Edited By meena, Updated: 03 Oct, 2026 06:28 PM

allegations of bogus voting in chhattisgarh youth congress elections around 400

प्रदेशभर से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की जांच कराने और...

रायपुर : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद कथित फर्जी मतदान और ओटीपी के इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रदेशभर से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की जांच कराने और जांच पूरी होने तक परिणाम घोषित नहीं करने की मांग की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग के साथ वर्चुअल नंबर और ओटीपी के जरिए कथित तौर पर फर्जी आईडी तैयार किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। शिकायतों का मामला दिल्ली और संगठन के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक जांच में अभी पुष्टि नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव में करीब 14 लाख 56 हजार वोट पड़ने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विनय शील ने मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए आज चुनाव में इस्तेमाल किए गए ‘विथ आईवाईसी‘ एप की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एप में तकनीकी गड़बड़ी अथवा किसी तरह के हस्तक्षेप की जांच कराने की मांग की है। विनय शील ने दावा किया है कि उनके एप खाते में सात नए ‘अनपेड वोट' जुड़ गए। उनके मुताबिक इनमें एक वोट सूरजपुर, चार वोट खैरागढ़-छुईखदान और दो वोट कोरबा से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी वोट प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी क्रमांक चार के पक्ष में दर्ज हुए हैं।

विनय शील का कहना है कि उन्होंने इन सात वोटों के लिए स्वयं मतदान नहीं कराया है। विनय शील ने इस कथित विसंगति को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया है कि उनकी जानकारी के बिना उनके एप खाते में वोट किस तरह जुड़े। उन्होंने मामले की तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि इसके पीछे एप की तकनीकी गड़बड़ी है अथवा किसी स्तर पर हस्तक्षेप किया गया है। इस बीच शिकायतकर्ताओं ने चुनाव प्राधिकरण से कथित फर्जी मतदान से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने और स्थिति स्पष्ट होने तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाने चाहिए। दूसरी ओर, फर्जी मतदान तथा एप में कथित हस्तक्षेप के आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। 

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