Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Oct, 2026 10:13 PM

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-9 के उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सरला ऊईक ने जीत दर्ज की है।
हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-9 के उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सरला ऊईक ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा समर्थित प्रत्याशी उमा काजले को 4130 मतों के अंतर से पीछे छोड़ दिया। मतगणना के सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, सरला ऊईक को कुल 8412 वोट मिले, जबकि उमा काजले के खाते में 3900 मत आए। हालांकि, चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा 5 अक्टूबर को की जाएगी।
इस उपचुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रही। वार्ड के अंतर्गत आने वाली 16 ग्राम पंचायतों के 50 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए थे। चुनाव में लगभग 52 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। नतीजे सामने आने के बाद कांग्रेस समर्थित खेमे में उत्साह का माहौल है।
भाजपा के प्रचार के बीच कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को मिली बढ़त
वार्ड नंबर-9 की इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने पूरी ताकत लगाई थी। दोनों पक्षों की ओर से मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क और प्रचार किया गया। चुनावी मुकाबले में भाजपा समर्थित प्रत्याशी को पीछे छोड़ते हुए सरला ऊईक ने 4130 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने इस परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनता का फैसला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से जोरदार प्रचार किए जाने के बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। उनके मुताबिक, यह जीत क्षेत्र की जनता के भरोसे का परिणाम है।
इस वजह से खाली हुई थी जिला पंचायत की सीट
जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-9 अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित है। इससे पहले इस सीट पर जयस समर्थित प्रत्याशी ताराबाई सूचार ने जीत हासिल की थी। हालांकि, सरकारी नौकरी मिलने के बाद उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते यह सीट रिक्त हो गई और यहां उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।
अब उपचुनाव की मतगणना में सरला ऊईक को बढ़त मिलने के बाद उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, निर्वाचन प्रक्रिया के तहत 5 अक्टूबर को होने वाली आधिकारिक घोषणा के बाद ही परिणाम पर अंतिम मुहर लगेगी। हरदा के इस उपचुनाव के नतीजे ने जिले की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।