भोपाल के व्यापारी का GST अकाउंट हैक, ₹8.09 करोड़ के फर्जी इनवॉइस अपलोड; EOW ने दर्ज की FIR

Edited By Vandana Khosla, Updated: 13 Oct, 2026 04:12 PM

bhopal businessman s gst account hacked

भोपाल (इजहार खान): राजधानी भोपाल में एक व्यापारी का GST खाता हैक कर करोड़ों रुपये के फर्जी इनवॉइस अपलोड करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने व्यापारी की जानकारी के बिना उसके GST खाते का पासवर्ड बदलकर 8 करोड़ 9 लाख 81 हजार 305 रुपये के 989 फर्जी...

भोपाल (इजहार खान): राजधानी भोपाल में एक व्यापारी का GST खाता हैक कर करोड़ों रुपये के फर्जी इनवॉइस अपलोड करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने व्यापारी की जानकारी के बिना उसके GST खाते का पासवर्ड बदलकर 8 करोड़ 9 लाख 81 हजार 305 रुपये के 989 फर्जी इनवॉइस अपलोड कर दिए। इनके जरिए करीब 1.46 करोड़ रुपये की GST चोरी का प्रयास किया गया। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली निवासी बसंत कुमार श्रीवास्तव उर्फ बसंत कुमार गौर और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पासवर्ड बदलकर दाखिल किया रिटर्न

जांच के मुताबिक, भोपाल के व्यापारी ने 21 फरवरी 2026 को अपने मोबाइल पर GST पोर्टल से पासवर्ड बदलने और रिटर्न फाइल होने से संबंधित चार SMS प्राप्त किए थे। व्यापारी ने न तो पासवर्ड बदला था और न ही कोई रिटर्न दाखिल किया था। 24 फरवरी को जब उसने अपने खाते में लॉगिन करने का प्रयास किया, तो उसे ‘Invalid Username or Password’ का मैसेज मिला। इसके बाद वह अपने E-Way Bill पोर्टल पर भी लॉगिन नहीं कर पाया।

फरवरी के रिटर्न में मिले 989 फर्जी बिल

व्यापारी ने 27 फरवरी को GST शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और GST कार्यालय भोपाल की मदद से अपना खाता दोबारा शुरू कराया। इसके बाद पता चला कि फरवरी 2026 का GSTR-1 रिटर्न पहले ही दाखिल किया जा चुका है। इसमें सात फर्मों के नाम पर 989 इनवॉइस अपलोड किए गए थे, जिनकी कुल कीमत 8.09 करोड़ रुपये से अधिक थी। व्यापारी ने इन फर्मों से किसी भी तरह का कारोबार होने से इनकार किया और कहा कि उसने ये बिल जारी नहीं किए थे।

ई-मेल और मोबाइल नंबर से जुड़ा आरोपी का नाम

EOW की जांच में सामने आया कि व्यापारी के GST खाते में उसकी जानकारी के बिना दो ई-मेल आईडी और एक अन्य मोबाइल नंबर जोड़ा गया था। जांच के दौरान Google India और मोबाइल कंपनियों से प्राप्त जानकारी में एक ई-मेल आईडी का संबंध आरोपी की फर्म सिद्धि इंटरप्राइजेस के GST रजिस्ट्रेशन से भी मिला। वहीं, संबंधित मोबाइल नंबरों में से एक आरोपी के नाम पर जारी होना पाया गया, जबकि दूसरे नंबर का इस्तेमाल भी आरोपी द्वारा किए जाने की बात जांच में सामने आई।

दूसरी फर्मों में भी फर्जी क्रेडिट नोट अपलोड करने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पर दूसरी फर्मों के GST खातों में फर्जी क्रेडिट नोट अपलोड कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ लेने का आरोप है। राजगढ़ जिले के पचौर की एक फर्म के संचालक ने भी इसी तरह की गतिविधि के संबंध में बयान दिया है।

EOW ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2), 62 और 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66-C और 66-D के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस फर्जी इनवॉइस से लाभ लेने वाली फर्मों और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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