Edited By Himansh sharma, Updated: 13 May, 2026 08:02 PM

मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की मौत अब सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या मानी जा रही है।
दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की मौत अब सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या मानी जा रही है। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जिस स्कॉर्पियो से देवेंद्र ठाकुर को कुचला गया, वह उनके ही रिश्तेदार यानी मामा की बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने उन्हें एक नहीं, बल्कि दो बार वाहन से कुचला। मामले में परिवार के कुछ सदस्य अब शक के घेरे में हैं।
मंगलवार शाम दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर संजय निकुंज नर्सरी के सामने हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। भाजपा नेता हर मंगलवार की तरह लक्ष्मण कुटी मंदिर से बाइक से लौट रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक करीब 50 फीट दूर जाकर पेड़ से टकराई, जबकि देवेंद्र सड़क पर गिर पड़े। आरोप है कि इसके बाद स्कॉर्पियो चालक ने वाहन रिवर्स कर दोबारा उनके ऊपर चढ़ा दिया।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को सड़क पर रिवर्स के टायर मार्क मिले हैं। एसपी आनंद कलादगी ने साफ कहा है कि यह हादसा नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गई हत्या है। पुलिस ने हत्या में परिवार के लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
इस केस में सबसे रहस्यमयी पहलू उन दो प्रत्यक्षदर्शियों का है, जिन्होंने पूरी घटना देखने का दावा किया था। बताया जा रहा है कि पास में गन्ने का ठेला लगाने वाले दोनों लोगों ने पुलिस को बताया था कि स्कॉर्पियो जानबूझकर दो बार देवेंद्र ठाकुर पर चढ़ाई गई। हालांकि घटना के बाद से दोनों लापता बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो भोपाल नंबर की बताई जा रही है, जिसे दुर्गेश राजपूत के नाम से जोड़ा जा रहा है, जो रिश्ते में मृतक के मामा हैं। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। मौके पर एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे, वहीं स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों की भीड़ जमा हो गई।
45 वर्षीय देवेंद्र ठाकुर भाजपा के सक्रिय नेता रहे थे और 2021 विधानसभा उपचुनाव के दौरान बॉसा मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। उनकी हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस अब पारिवारिक रंजिश, राजनीतिक विवाद और संपत्ति समेत हर एंगल से जांच कर रही है।