वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में शामिल हुए CM मोहन, MP की उर्जा नीति की जमकर हुई तारीफ

Edited By meena, Updated: 21 Jan, 2026 07:58 PM

cm mohan participated in the world economic forum 2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में शामिल होने पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप: सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन" विषय पर...

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में शामिल होने पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "डी-रीस्किंग द ग्रीन लीप: सब नेशनल ब्लू प्रिंट फॉर यूटिलिटी स्केल एनर्जी ट्रांजीशन" विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल मीटिंग में भागीदारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की ऊर्जा यात्रा में नवकरणीय ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा मध्यप्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन को प्रेरणा बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य स्वच्छ, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने हरित ऊर्जा को विकास की मुख्य धारा में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय सहयोग और बेहतर समन्वय से राज्य में बिजली और जल आपूर्ति में स्थिरता आई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ उद्योगों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण से जुड़ी नई नवकरणीय परियोजनाओं की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी।

PunjabKesari

राउण्ड टेबल मीटिंग के समापन-सत्र में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न को साझा किया। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीति स्थिरता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं और ऊर्जा क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। केन्द्रीय मंत्री जोशी ने सुधारोन्मुख राज्यों, विशेषकर मध्यप्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सौर ऊर्जा संबंधित उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर साझा की जा सकती हैं। उन्होंने श्रम, भूमि और ऊर्जा के बेहतर समन्वय से स्वच्छ ऊर्जा में जोखिम कम करने के मध्यप्रदेश मॉडल को उल्लेखनीय बताया और प्रौद्योगिकी निवेश और ब्लेंडेड फाइनेंस पर ज़ोर दिया।

राउण्ड टेबल मीटिंग में मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन अशोक खन्ना, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी, आयुक्त जनसम्पर्क दीपक कुमार सक्सेना एवं एमडी एमपीआईडीसी चन्द्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे। मीटिंग में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये एक ड्राफ्ट फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया।

म.प्र. की विदेश में हुई नवकरणीय ऊर्जा नीति की सराहना

इंडोनेशिया के ईस्ट जावा प्रांत के उप-राज्यपाल एमिल एलेस्टियान्तो डार्डक ने कहा कि उप-राष्ट्रीय सरकारें भी राष्ट्रीय नीतियों में परिवर्तन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों की सराहना की।

राउंड टेबल मीटिंग में प्रतिभागियों में वैश्विक और घरेलू कंपनियों के कॉरपोरेट प्रतिनिधि और निवेशक शामिल थे, जिन्होंने राज्य की नीतियों, हरित ऊर्जा की उपलब्धता, तथा डेटा सेंटर जैसी नई प्रौ‌द्योगिकी एवं नवाचारों के संबंध में जानकारी ली। चर्चाओं में नियामकीय आवश्यकताओं और जमीनी वास्तविकताओं के बीच संतुलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार से मध्यप्रदेश जैसे क्षेत्रीय या उप-राष्ट्रीय सरकारें इस क्षेत्र में नवाचार का नेतृत्व कर सकती हैं।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!