Edited By Vandana Khosla, Updated: 14 Oct, 2026 11:36 AM

इंदौरः मध्यप्रदेश के इंदौर और इसके पड़ोसी देवास जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे और उसकी वैध आय के मुकाबले तीन गुना से अधिक मूल्य की संपत्तियों का पता लगाया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इंदौरः मध्यप्रदेश के इंदौर और इसके पड़ोसी देवास जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे और उसकी वैध आय के मुकाबले तीन गुना से अधिक मूल्य की संपत्तियों का पता लगाया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान ने बताया कि इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में चालक के तौर पर पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान (48) के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह लंबे समय से कर्तव्य से अनुपस्थित हैं और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का कथित रौब झाड़कर देवास जिले में विवादित अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद खान, उनके परिजनों और करीबी लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए।
पुलिस विभाग में खान के 24 साल के सेवाकाल में वेतन से उनकी आय करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है। अन्य स्रोतों से हुई कमाई जोड़ने पर उनकी कुल वैध आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले छापों में अब तक 6.27 करोड़ रुपये की संपत्तियों के बारे में पता चला है। उन्होंने बताया कि ये संपत्तियां प्रधान आरक्षक, उनके परिजनों और रोशनी वर्मा नाम की महिला के नाम पर खरीदी गई हैं और इनमें पांच मकान, तीन फ्लैट, पांच आवासीय भूखंड, एक व्यावसायिक भूखंड और अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि शामिल हैं।
डीएसपी ने बताया कि खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अचल संपत्तियों की खरीद में प्रधान आरक्षक के साथ भूमिका के कारण उसकी सहयोगी महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। तालान ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।