Edited By Vandana Khosla, Updated: 14 Oct, 2026 11:53 AM

रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद जारी शुष्क मौसम के बीच एक बार फिर मौसमी गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40...
रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद जारी शुष्क मौसम के बीच एक बार फिर मौसमी गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव की स्थिति बन रही है। इसके चलते अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क बने रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मौजूदा मौसमी प्रणाली का प्रभाव समाप्त होने के बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में कमी के साथ ही आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने के संकेत हैं।
प्रदेश में दर्ज तापमान के आंकड़ों के अनुसार, सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा। इधर, राजधानी रायपुर में बुधवार को मौसम मुख्यत: साफ रहने का अनुमान है। दिन में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण गर्मी एवं उमस का प्रभाव बना रह सकता है। विशेषकर दोपहर के समय लोगों को अधिक गर्मी महसूस होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को भी अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर से दक्षिणी छत्तीसगढ़ में मौसमी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद मौसमी प्रणाली कमजोर पड़ने और उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से प्रदेश में तापमान में गिरावट का क्रम शुरू होने की संभावना है।