प्रदेश में 908 शिक्षकों को एक साथ पदोन्नति की सौगात, शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला,वर्षों पुरानी मांग पूरी

Edited By Desh Raj, Updated: 24 Mar, 2026 02:58 PM

major decision by the education department 908 teachers promoted simultaneously

बस्तर संभाग के शिक्षकों के लिए  खुशखबरी है। लंबे समय से राहत की राह देख रहे इन शिक्षकों को सौगात मिली है।   दरअसल काफी  लंबे अंतराल से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए पदोन्नति की खबर सामने आई है।

(जगदलपुर): बस्तर संभाग के शिक्षकों के लिए  खुशखबरी है। लंबे समय से राहत की राह देख रहे इन शिक्षकों को सौगात मिली है।   दरअसल काफी  लंबे अंतराल से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए पदोन्नति की खबर सामने आई है।  शिक्षा विभाग ने कुल 908 शिक्षकों और प्रधान पाठकों को पदोन्नत करने का बड़ा फैसला लिया गया है। इस अंजाम तक पहुंचने के लिए काफी समय लगा है। विभागीय पदोन्नति समिति की ओर से काफी गहरी जांच और मंथन के बाद अंतिम रूप दिया गया है। इस फैसले के बाद इन शिक्षकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।

शिक्षक काफी समय से कर रहे थे इस फैसले का इंतजार

आपको बता दें कि  शिक्षक काफी समय से इस घड़ी का इंतजार कर रह थे। दरअसल  पदोन्नति के लिए 1 अप्रैल 2024 की स्थिति को आधार मानते हुए एक अंतिम संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी। इसी सूची के आधार पर जो पात्र शिक्षक हैं  उनका चयन किया गया और उन्हें ‘‘प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला)’’ के पद पर पदोन्नत किया गया। वहीं अगर  संवर्ग के हिसाब से बात करें तो ई-संवर्ग के 30 शिक्षकों को पदोन्नति मिली है।

वहीं अगर बात टी-संवर्ग की करें तो इसमें 878 शिक्षकों को लाभ मिला है।  इस लिहाज से कह सकते हैं कि बड़ी संख्या में शिक्षकों को अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति मिली है। लिहाजा पदोन्नत शिक्षकों को पदोन्नकि के साथ अब नई जिम्मेदारी मिलने जा रही है जिससे स्कूलों में छात्रों को प्रदर्शन  बेहतर होगा और साथ ही मार्गदर्शन भी मिलेगा। लिहाजा पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब पदस्थापना का काम  शुरु होगा।  इसके लिए बहुत जल्द काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी

नियमित शिक्षकों के बीच वेतनमान, पदनाम ,पदोन्नति नियमों को लेकर थी असमानता

आपको बता दें कि  शिक्षा विभाग ने पिछले वर्षों में शिक्षकों के संवर्गों को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। पंचायत एवं नगरीय निकायों के शिक्षकों और स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षकों के बीच वेतनमान पदोन्नति नियमों को लेकर भी असमानताएं थीं। लिहाजा इन विसंगतियों को दूर करने  और तमाम कमियों  को दूर करने के बाद ही  शिक्षकों को पदोन्नति का तोहफा मिला है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!