Edited By Vikas Tiwari, Updated: 01 Nov, 2026 07:58 PM

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले ने कृषि क्षेत्र में एक बार फिर अपनी प्रगतिशीलता का परिचय दिया है। इस साल 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन कर बालाघाट पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले के किसानों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना...
भोपाल: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले ने कृषि क्षेत्र में एक बार फिर अपनी प्रगतिशीलता का परिचय दिया है। इस साल 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन कर बालाघाट पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिले के किसानों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि बालाघाट के किसानों ने अपनी प्रगतिशील सोच से नई मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से बालाघाट की कृषि उपज मंडी गोंगलई में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों से संवाद किया और कृषि योजनाओं के विजेताओं को बधाई दी।
बालाघाट को कहा जाता है मध्यप्रदेश का धान का कटोरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अपनी चिन्नौर चावल की खुशबू और गुणवत्ता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां का चावल विदेशों तक निर्यात किया जाता है। धान के साथ-साथ जिले के किसान कोदो और अन्य श्रीअन्न के उत्पादन में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। इसी वजह से बालाघाट को मध्यप्रदेश का धान का कटोरा कहा जाता है।
नक्सलवाद से मुक्ति के बाद विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट जिले को नक्सलवाद से मुक्ति मिलने के बाद विकास की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। सरकार सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ खेती-किसानी और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि जिले में बंद हो चुकी 36 दुग्ध समितियों को फिर से शुरू किया जा रहा है। मिल्क रूट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी दूध संग्रहण को प्रोत्साहन मिलेगा। जिले में प्रतिदिन दूध संग्रहण 3,500 लीटर से बढ़कर 10,000 लीटर हो चुका है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है।
1.29 लाख किसानों को 876 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री ने बताया कि बालाघाट जिले के 1 लाख 29 हजार से अधिक किसानों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 876 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। वहीं, 3 लाख 76 हजार से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी बालाघाट अग्रणी है। जिले के 15 हजार मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 9 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है। खराड़ी जलाशय में 94 केज कल्चर स्थापित कर 282 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया गया है।
4 नवंबर तक करा सकेंगे धान खरीदी के लिए पंजीयन
मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देते हुए बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिन किसानों का पंजीयन छूट गया है, उनके लिए पोर्टल 4 नवंबर तक खुला रहेगा। ऐसे किसान निर्धारित समय सीमा में अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
किसानों की बेटियों और युवाओं को मिले कृषि योजनाओं के पुरस्कार
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि योजनाओं पर आधारित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं का भी चयन किया गया। लांजी तहसील के ग्राम कुम्हारी की दिवला पटले को ट्रैक्टर, वारासिवनी तहसील के ग्राम एकोड़ी के मनोज हरिनखेड़े को बुलेट बाइक और ग्राम सिकंदरा की कविता शिव को ई-स्कूटी पुरस्कार में मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि किसानों के नवाचार, मेहनत और आधुनिक कृषि पद्धतियां प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।