Edited By Vikas Tiwari, Updated: 21 Mar, 2026 08:26 PM

Madhya Pradesh में सुशासन और विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही स्टेट एआई मिशन शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि इस मिशन के जरिए शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।
भोपाल: Madhya Pradesh में सुशासन और विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही स्टेट एआई मिशन शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि इस मिशन के जरिए शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मिशन राज्य के एआई विजन और एक्शन फ्रेमवर्क पर आधारित होगा, जिसके माध्यम से शासन प्रणाली को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव और डेटा-ड्रिवन बनाया जाएगा। एआई तकनीकों का उपयोग ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ मॉडल के साथ किया जाएगा, ताकि सुरक्षा, पारदर्शिता और नागरिकों का विश्वास बना रहे। सरकार का दावा है कि इस मिशन से किसानों, ग्रामीणों, युवाओं और वंचित वर्गों को तेज, स्मार्ट और व्यक्तिगत सेवाएं मिलेंगी। कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पहले ही पहचान संभव होगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया और अधिक सटीक बनेगी। स्टेट एआई मिशन को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में आधारभूत तैयारियां मजबूत की जाएंगी, 2027-28 में सफल मॉडलों को विभिन्न विभागों में लागू किया जाएगा और 2028 के बाद एआई को शासन की स्थायी व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में पहले से ही एआई आधारित कई पहलें लागू हैं, जैसे एमपी ई-सेवा, संपदा 2.0 और एआई आधारित गिरदावरी प्रणाली, जिससे भूमि और फसल संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ी है। इसके अलावा सुमन सखी कार्यक्रम, एमपी कौशल रथ और ज्ञानकोष के माध्यम से स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में भी एआई का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के सहयोग से एक मजबूत एआई इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। साथ ही युवाओं और अधिकारियों के लिए एआई स्किलिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य एआई को प्रयोगशाला तक सीमित न रखकर आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत को मजबूत किया जा सके और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।