Edited By Desh Raj, Updated: 26 Mar, 2026 02:16 PM

रायपुर में खाद्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कमर्शियल एलपीजी वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। बैठक में गैस आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
(रायपुर): रायपुर में खाद्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद कमर्शियल एलपीजी वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। बैठक में गैस आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों, ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर रसोई गैस (LPG) रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग
छत्तीसगढ़ शासन ने शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर रसोई गैस (LPG) रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी है।
बताया गया है कि राज्य में रसोई गैस की उपलब्धता और वितरण प्रणाली के संबंध में तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
व्यावसायिक संस्थानों,प्रतिष्ठानों को पिछले महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी मिलेगा
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों और प्रतिष्ठानों को पिछले माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी दिया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस तथा होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उपलब्ध भंडार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान तथा चिकित्सालय, सैन्य और अर्द्धसैन्य शिविर, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे तथा हवाई अड्डा कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि वाणिज्यिक एलपीजी भंडार की उपलब्धता और वितरण की दैनिक समीक्षा तेल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।