Edited By meena, Updated: 26 Mar, 2026 05:26 PM

मध्य प्रदेश से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भारी कमी उजागर हुई है...
भोपाल : मध्य प्रदेश से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भारी कमी उजागर हुई है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश ताजा आंकड़ों ने राज्य की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आईएएस अधिकारियों की कमी के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है। राज्य में कुल 459 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 391 अधिकारियों की ही तैनाती है। यानी 68 पद अभी भी खाली हैं। वहीं अगर आईपीएस अधिकारियों की बात करें, तो प्रदेश में स्थिति यहां भी चिंताजनक बनी हुई है। कुल 319 स्वीकृत पदों में से 271 अधिकारियों की पोस्टिंग है, जबकि 48 पद खाली हैं। यानी करीब 15 प्रतिशत पद अभी भी रिक्त पड़े हैं।
देशभर की तुलना करें तो आईएएस की कमी में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, जबकि मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है। वहीं आईपीएस की कमी में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बाद मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर आता है। एमपी में पुलिस महकमे के 15 प्रतिशत आईपीएस पद खाली पड़े हैं। 319 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 271 पुलिस अफसर वर्तमान में पोस्टेड हैं।
अब सवाल ये उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की कमी का असर आखिरकार आम जनता पर ही पड़ेगा। प्रशासनिक फैसलों में देरी, कानून-व्यवस्था पर दबाव और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल, जरूरत इस बात की है कि इन खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया जा सके।