Edited By Himansh sharma, Updated: 15 Mar, 2026 04:50 PM

मध्य प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का ताजा ब्योरा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का ताजा ब्योरा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 391 आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक हुआ है। इनमें जहां कई अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास खुद का घर तक नहीं है।
12 जिलों के कलेक्टरों ने बताई शून्य अचल संपत्ति
प्रदेश के 55 जिलों के कलेक्टरों की संपत्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो इनमें से 12 कलेक्टर ऐसे हैं जिन्होंने अपनी अचल संपत्ति शून्य बताई है। यानी इन अधिकारियों के पास न तो खुद का मकान है और न ही खेती की जमीन दर्ज है। यह स्थिति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिला कलेक्टर प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे अहम पद माना जाता है, लेकिन कई अधिकारी अब भी किराये के मकान में रह रहे हैं।
17 कलेक्टरों के पास मकान, दुकान और खेती की जमीन
दूसरी ओर आंकड़े बताते हैं कि 17 कलेक्टर ऐसे भी हैं जिनके पास मकान, दुकान और कृषि भूमि तीनों मौजूद हैं। यानी इन अधिकारियों के पास शहरी और ग्रामीण दोनों तरह की संपत्ति दर्ज है।
संपत्ति के मामले में सबसे आगे गुना कलेक्टर
जिला कलेक्टरों में संपत्ति के मामले में Kishore Kanyal सबसे आगे हैं। उनके पास करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपए की संपत्ति दर्ज की गई है।
उनकी संपत्ति में Bhopal, Noida और Uttar Pradesh में स्थित मकान, प्लॉट और कृषि भूमि शामिल है।
मुख्य सचिव की संपत्ति 4.15 करोड़
प्रदेश के मुख्य सचिव Anurag Jain की घोषित कुल संपत्ति करीब 4 करोड़ 15 लाख रुपए बताई गई है।
आईएएस अधिकारियों की संपत्ति के ये आंकड़े प्रशासनिक पारदर्शिता के तहत हर साल सार्वजनिक किए जाते हैं, जिससे अधिकारियों की संपत्ति का रिकॉर्ड सामने आता है।
पारदर्शिता के लिए जारी होती है संपत्ति जानकारी
सरकारी नियमों के मुताबिक आईएएस अधिकारियों को हर साल अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण देना होता है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और अधिकारियों की संपत्ति का रिकॉर्ड सार्वजनिक रखना है।