Edited By Vikas Tiwari, Updated: 21 Mar, 2026 02:52 PM

ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब करीब आधा सैकड़ा लोग प्रभारी मंत्री Tulsi Silawat का घेराव करने पहुंच गए। मामला वैशाली नदी के पुनर्जीवन कार्य से जुड़ा है, जहां प्रभावित लोगों को प्रशासन द्वारा मकान हटाने के नोटिस जारी...
ग्वालियर (अंकुर जैन): ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब करीब आधा सैकड़ा लोग प्रभारी मंत्री Tulsi Silawat का घेराव करने पहुंच गए। मामला वैशाली नदी के पुनर्जीवन कार्य से जुड़ा है, जहां प्रभावित लोगों को प्रशासन द्वारा मकान हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक मुरार के वार्ड क्रमांक 25 स्थित किशनपुरी और पाताल इलाके के रहवासी बड़ी संख्या में प्रभारी मंत्री के पास पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि नदी पुनर्जीवन के नाम पर उनके घरों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया कि वैशाली नदी के मूल मार्ग में बदलाव कर उसे उनके घरों की ओर मोड़ा गया है, जबकि इस बदलाव से कुछ प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब अचानक उन्हें बेघर करने की कार्रवाई की जा रही है।
मामले में पूर्व पार्षद Devendra Pathak भी पीड़ितों के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से क्षेत्र के लोग परेशान हैं और न्याय की मांग को लेकर पहले Jyotiraditya Scindia और फिर प्रभारी मंत्री से मुलाकात की गई है। वहीं, प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने लोगों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति का मकान नहीं तोड़ा जाएगा। साथ ही अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।