Edited By Vandana Khosla, Updated: 17 Sep, 2026 02:59 PM

भोपालः मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में 1998 बैच के 7 होनहार अफसरों का आईपीएस में प्रमोशन हुआ है। यहां वर्ष 2025 की सेलेक्ट लिस्ट में शामिल MP पुलिस सेवा के 7 अफसरों को IPS में नियुक्ति के बाद 2016 बैच आवंटित किया गया है। सभी को 27 साल की सेवा पर 9 साल का...
भोपालः मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में 1998 बैच के 7 होनहार अफसरों का आईपीएस में प्रमोशन हुआ है। यहां वर्ष 2025 की सेलेक्ट लिस्ट में शामिल MP पुलिस सेवा के 7 अफसरों को IPS में नियुक्ति के बाद 2016 बैच आवंटित किया गया है। सभी को 27 साल की सेवा पर 9 साल का वेटेज मिला। गृह मंत्रालय ने इसके लिए आदेश जारी किया।


वहीं, विभागीय जांच/लंबित मामला/आरोप” के चलते इस बेच के तीन अधिकारी आईपीएस अवार्ड से वंचित रह गए।
1. अमृत लाल मीणा
इनका IPS चयन/अवार्ड जाति प्रमाण-पत्र से जुड़े विवाद के कारण अटका हुआ बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके ST प्रमाण-पत्र पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने आपत्ति की थी। इस मामले में 2023 में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं में FIR भी दर्ज हो चुकी है।2026 की DPC में उनका मामला निर्णय के लिए लंबित/सीलबंद लिफाफे में रखा गया था।
2. राजेश कुमार मिश्रा
राजेश मिश्रा के मामले में विभागीय जांच लंबित होने के कारण इस बार DPC में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न/शोषण और जबरन वसूली जैसे आरोप लगाए थे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई।
3. सीताराम ससत्या
सीताराम ससत्या का मामला भी विभागीय जांच (DE) से जुड़ा बताया गया है। इसी वजह से वे IPS पदोन्नति की प्रक्रिया में अटक गए। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें 1997 बैच का वरिष्ठ अधिकारी बताया गया है और उनकी विभागीय जांच लंबित रहने की बात कही गई है।