मुख्यमंत्री आवास में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बाल गोपाल को लेकर CM मोहन ने तोड़ी मटकी; हाथों से खिलाई माखन-मिश्री

Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Sep, 2026 02:12 PM

shri krishna janmashtami was celebrated with great fanfare at the chief

भोपालः श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री निवास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। यहां चारों ओर कृष्ण भजन गूंजे, महारास हुआ और राधा-कृष्ण बने बच्चों ने जमकर मस्ती की। पवित्रता के इस वातावरण के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नन्हें...

भोपालः श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री निवास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। यहां चारों ओर कृष्ण भजन गूंजे, महारास हुआ और राधा-कृष्ण बने बच्चों ने जमकर मस्ती की। पवित्रता के इस वातावरण के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नन्हें गोपाल को हाथ में लेकर मटकी फोड़ी। उन्होंने बच्चों को खुद माखन-मिश्री खिलाई। श्री कृष्ण भक्ति में डूब ये पल लोगों के लिए यादगार बन गए। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों के अलावा आम नागरिक और संत समाज भी मौजूद था।

PunjabKesari

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह मौका हमारे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान कृष्ण का इतिहास गौरवशाली है। उनके जीवन के सारे पक्ष आज भी समसामयिक हैं। भगवान कृष्ण के जीवन की घटनाओं से हम सभी बहुत कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश राम-कृष्ण के नाम से जाना जाता है। दोनों ने तमाम चुनौतियों और तमाम कठिनाइयों के बीच भी लोगों को मार्गदर्शन देने के लिए अद्भुत मानव रूप धारण किया। उन्होंने सभी कष्टों में से मार्ग निकाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न पक्षों से प्रेरणा मिलती है। किसी बालक का जेल में जन्म लेना ही अपने आप में बहुत बड़ी चुनौती है। उसके बावजूद भी भगवान श्री कृष्ण ने बताया कि कभी कष्टों से घबराना नहीं, उनसे पार पाकर मुस्कुराते रहना।

PunjabKesari

भगवान ने बताया शिक्षा का महत्व
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि चाहे कालिया मर्दन हो, इंद्र के घमंड को चूर-चूर करना हो, चाहे कंस को उसके घर में मारने का घटनाक्रम हो, ये सभी हमें ये प्रेरणा देते हैं। जीवन के कठिन काल में भी भगवान श्री कृष्ण ने दुनिया को शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और दुनिया के सामने उदाहरण पेश किया। सांदीपनि आश्रम में ही भगवान श्री कृष्ण की सुदामा से मित्रता हुई। उन्होंने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि जामनगर एयरपोर्ट पर पंडित दिनकर जोशी ने पुस्तक लिखी है। उसके सार में यह है कि भगवान श्री कृष्ण जब शिक्षा लेने गए थे, तब तक सांदीपनि आश्रम की ख्याति फैल गई थी। मूलरूप से महर्षि सांदीपनि का पहला आश्रम बनारस में था, लेकिन कंस से शासन की अराजकता के कारण उन्होंने वह आश्रम बंद कर दिया और 6 माह के बच्चे को लेकर आगे बढ़ गए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि उस समय तक महर्षि सांदीपनि की ख्याति इतनी था कि विश्व उनके आगे नतमस्तक था। उन्होंने 64 कलाएं-14 विद्या से श्री कृष्ण का व्यक्तित्व निर्माण किया। उस वक्त जम जाति का देश पर नकारात्मक प्रभाव था। वे देश विरोधी थे। उन लोगों ने महर्षि को पकड़कर कहा कि आप हमारे बच्चों को शिक्षा दीजिए। लेकिन, महर्षि ने कहा कि वह शिक्षा केवल देशभक्तों को देंगे। ये सुनने के बाद उन लोगों ने ऋषि के 6 माह के बालक को बंधक बना लिया। उन्होंने बालक को वहीं छोड़ा और उज्जैन आ गए। उन्होंने 11 वर्ष तक बच्चों को शिक्षा दी।

PunjabKesari

गौरवशाली इतिहास कर रहे जीवंत
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जब श्री कृष्ण की पढ़ाई का समय आया तब जरासंध का आतंक पूरी दुनिया में फैल रहा था। जरासंध जब मथुरा पर आक्रमण करने वाला था, तब तक श्री कृष्ण शिक्षा पूर्ण कर चुके थे। उन्होंने मथुरा जाने का फैसला किया। भगवान कृष्ण ने यह भी निर्णय किया कि वे महर्षि सांदीपनि को गुरु दक्षिणा के रूप में उनका बालक देंगे। उन्होंने महर्षि सांदीपनि से हथियार मांगे। तब महर्षि सांदीपनि ने कहा कि हथियार मेरे पास नहीं हैं, उनके लिए तुम्हें महर्षि परशुराम के पास जनापाव जाना पड़ेगा। उनके पास पर्याप्त हथियार मिलेंगे। महर्षि परशुराम उन्हें सुदर्शन देते हैं। उस सुदर्शन से श्री कृ्ष्ण ने जम जाति के राक्षसों का संहार करके महर्षि सांदीपनि को उनका बालक लौटाते हैं। उसी वक्त भगवान श्री कृष्ण को उनका पांचजन्य शंख भी मिला था। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन्हें तीर्थ स्थल बनाया जाएगा। हम सनातन संस्कृति के गौरवशाली अतीत का जीवंत करने का प्रयास कर रहे हैं। भगवान राम की लीलाओं वाले क्षेत्रों को भी तीर्थ स्थल बनाया जा रहा है। हम जनापाव में उस काल को जीवंत करेंगे जब भगवान को सुदर्शन दिया गया था। उज्जैन में भगवान की शिक्षा हुई। धार के पास अमजेरा में रुक्मणी हरण से समय उनके भाई रुक्मी से भगवान का युद्ध हुआ। महिदपुर के पास नारायण नाम के स्थान पर भगवान और सुदामा ने रात गुजारी थी।

PunjabKesari

पीएम मोदी ने किया देश को मजबूत
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमने निर्णय लिया कि केवल छुट्टी करने से काम नहीं चलेगा। हमारी नई पीढ़ी के सामने भगवान के वो सारे पक्ष आने चाहिए, जिससे उन्हें जानकारी और आगे बढ़ने का अवसर मिले। इसलिए हमने सारे त्योहार मनाने की परंपरा सरकार के जरिये शुरू की। जब समाज त्योहार मनाता है तो सरकार को भी उसमें शामिल होना चाहिए। भगवानों के जीवन पर और भी शोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के सामने आर्थिक ताकत बनकर खड़ा हो रहा है। उन्होंने विश्व के सामने भारत की पहचान मानवता को रखा। उन्होंने विश्व बंधुत्व की भावना को बढ़ाते हुए विश्व का बताया कि सनातन संस्कृति की धारा देने वाली है, लेने वाली नहीं है। सनातन संस्कृति की धारा सत्ता आधारित दुनिया को दबाने वाली नहीं है। हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अपनी उदार संस्कृति को दुनिया के सामने फिर परिभाषित करें, पुनर्प्रतिष्ठित करें। दुनिया युद्ध के साये में है। लेकिन, भारत की आर्थिक प्रगति इतनी तेज गति से बढ़ रही है। अमेरिका की ग्रोथ रेट 2 फीसदी है, जबकि चीन की 4 फीसदी है। भारत की ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अमेरिका से भी कहा है कि उसके और हमारे बीच डील तब होगी, जब भारत के हितों का ध्यान रखा जाएगा। हम अमेरिका के दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान का दौर अद्भुत दौर है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि अयोध्या में भगवान राम मुस्कुरा रहे हैं, तो भविष्य में मथुरा में भगवान श्री कृष्ण मुस्कुराएंगे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!