Edited By Desh Raj, Updated: 28 Mar, 2026 05:55 PM

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर बाढ़ राहत घोटाले में जेल के अंदर जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका रद्द होने के बाद तहसीलदार के ऊपर गिरफ्तार का खतरा बढ़ गया था और आखिर उसकी गिरफ्तारी हो गई थी। लेकिन जेल में जाने के बाद भी तहसीलदार अमिता सिंह की अकड़...
(शिवपुरी): तहसीलदार अमिता सिंह तोमर बाढ़ राहत घोटाले में जेल के अंदर जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका रद्द होने के बाद तहसीलदार के ऊपर गिरफ्तार का खतरा बढ़ गया था और आखिर उसकी गिरफ्तारी हो गई थी। लेकिन जेल में जाने के बाद भी तहसीलदार अमिता सिंह की अकड़ और गुरूर कम नहीं हुआ है। कोर्ट में पेश करने के बाद अमिता तोमर को जेल भेज दिया था लेकिन जेल में पहुंचने के बाद आरोपी तहसीलदार ने जेल स्टाफ के साथ ठीक से बर्ताव नहीं किया। महिला तहसीलदार ने अपना रुतबा दिखाने की कोशिश की।
जेल प्रहरियों को दिखाया रौब
जानकारी के मुताबिक जेल पहुंचने के बाद तहसीलदार से जब जेल स्टाफ ने नाम पूछा तो अपना नाम बताने से मना कर दिया और कहा कि वारंट में सब लिखा है। वहीं जब सुबह के समय जेल में नियमित प्रक्रिया जेल प्रहरियों द्वारा की जा रही थी तब भी अमिता सिंह ने खुद को बड़ा बताने और अफसरगिरी दिखाने की कोशिश की। तहसीलदार ने महिला प्रहरियों से कहा कि तुम मुझे जानती नहीं हो, मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं। ऐसा व्यवहार देखकर सब हैरान रह गए, लिहाजा जेल अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की है।
ढाई करोड़ के घोटाले की मास्टरमाइंड
ढाई करोड़ के घोटाले की मास्टरमाइंड तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को परसों पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कल पुलिस ने तहसीलदार को शिवपुरी सर्किल जेल में भेज दिया था। तस्वीरों में तहसीलदार मुंह को ढके हुए नजर आई, अमिता सिंह तोमर के साथ पुलिस के कर्मचारी चल रहे थे लेकिन अमिता तोमर मुंह को ढके हुए सीधे जेल में दाखिल हो गई। महिला पुलिस और दूसरे अधिकारी ने अमिता तोमर को जेल के अंदर भेजा।