Edited By meena, Updated: 20 Mar, 2026 06:04 PM

एक तरफ ईरान में युद्ध जारी है, तो दूसरी तरफ गैस संकट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। ग्वालियर में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं...
ग्वालियर (अंकुर जैन) : एक तरफ ईरान में युद्ध जारी है, तो दूसरी तरफ गैस संकट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। ग्वालियर में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
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सरकार के निर्देशों के बाद ग्वालियर प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता दी है। आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिले, इसके लिए सप्लाई चेन पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार जिले में गैस वितरण व्यवस्था की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। गैस एजेंसियों पर आने वाली बुकिंग, सप्लाई और महाराजपुर प्लांट में रिफिलिंग की स्थिति का लगातार रिव्यू किया जा रहा है। प्रशासन ने कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां आम लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

वहीं, कमर्शियल सिलेंडर को लेकर जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है। भोपाल समेत पूरे प्रदेश से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए गैस की जरूरत का डेटा जुटाया गया है, जिसके आधार पर आगे सप्लाई का प्लान तय किया जाएगा।

एल.पी.जी. गैस सिलेंडर महंगे होने का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। खान-पान की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। जो समोसा पहले 10 रुपये में मिलता था, अब वही 15 रुपये में बिक रहा है। यानी सीधे तौर पर 5 रुपये की बढ़ोतरी ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई के चलते लोगों ने बाहर का नाश्ता कम कर दिया है, जिसका असर दुकानदारों की बिक्री पर भी पड़ रहा है।