Edited By Desh sharma, Updated: 04 Jan, 2026 02:40 PM

छतरपुर में बागेश्वर धाम पर शनिवार को सत्यनारायण भगवान की कथा का वाचन किया गया। सत्यनारायण भगवान की ये कथा स्वयं बागेश्वर महाराज के द्वारा उनसे दीक्षा मंत्र लिए 500 दीक्षित परिवारों सहित धाम पर आए हुए लगभग 11000 श्रद्धालुओं ने हाथों में अक्षत चावल...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर में बागेश्वर धाम पर शनिवार को सत्यनारायण भगवान की कथा का वाचन किया गया। सत्यनारायण भगवान की ये कथा स्वयं बागेश्वर महाराज के द्वारा उनसे दीक्षा मंत्र लिए 500 दीक्षित परिवारों सहित धाम पर आए हुए लगभग 11000 श्रद्धालुओं ने हाथों में अक्षत चावल लेकर सुनी।
11000 से अधिक श्रद्धालुओं ने अक्षत लिए भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी
यह पहला आयोजन होगा जिसमें एक साथ 11000 से अधिक श्रद्धालुओं ने अक्षत चावल लिए और भगवान सत्यनारायण की कथा का प्रस्थान किसी एक स्थान पर बैठकर किया हो। इस कथा में बाबा विश्वनाथ के प्रधान पुजारी श्रीकांत मिश्र परिवार सहित पधारे। उनके द्वारा कथा के प्रारंभ में मंत्रोच्चार और विराम में हवन के मंत्रोच्चार किए गए।
यह संभवत: भारतवर्ष की पहली भगवान सत्यनारायण की कथा होगी, जिसमें एक साथ कई हज़ार श्रद्धालुओं ने 50,000 वर्ग फीट में बने तीन शेड में बैठकर हाथों में अक्षत चावल लेकर कथा का रसपान किया हो। सत्यनारायण की कथाएँ सनातन परंपरा में सनातनियों द्वारा अपने घर, प्रतिष्ठा एवं अन्य शुभ कार्य सफल होने पर करवाई जाती हैं, जिसमें सामान्यतः परिवार के सदस्य और परिचित लोग उपस्थित होते हैं।
संभवतः यह पहली कथा होगी जिसमें हज़ारों की संख्या में अक्षत चावल लेकर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी गई हो। इस दौरान महाराज श्री ने सत्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और श्रद्धालुओं से सत्य बोलने व सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि, जीत भीड़ से नहीं, बल्कि भगवान से होती है और पूरी धरती सत्य पर टिकी हुई है।